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दस देशों में क्रिप्टो प्रतिबंध: 2023 का विवरण और बाद के बदलाव

यह लेख उन दस देशों की चर्चा करता है जिन्हें 2023 की एक सूची में क्रिप्टो उपयोगकर्ताओं के लिए कठिन बताया गया था। देशों का आपसी क्रम तय नहीं था और यह रहने के लिए सबसे खराब देशों की वस्तुनिष्ठ रैंकिंग नहीं थी। भुगतान पर रोक, व्यापार नियम, कर और धार्मिक मत अलग विषय हैं। नीचे इनके अंतर और बाद में हुए प्रमुख बदलाव स्पष्ट किए गए हैं।
सरकारी नीति और नागरिकों की राय
किसी देश की सरकारी नीति सभी नागरिकों की राय नहीं बताती। प्रतिबंध वाले देशों में भी क्रिप्टो समुदाय मौजूद हो सकते हैं। लेकिन विकेंद्रीकरण नियमों को लागू करना असंभव नहीं बनाता और उपयोगकर्ताओं को कानून से छूट नहीं देता।
1. चीन
चीन ने 2013 से बिटकॉइन से जुड़े वित्तीय संस्थानों के काम पर प्रतिबंध लगाए और जोखिमों की चेतावनी दी। बिटकॉइन को वैध मुद्रा के समान दर्जा नहीं दिया गया। इसका अर्थ हर प्रकार की ब्लॉकचेन तकनीक पर प्रतिबंध नहीं था।
2017 में चीन ने घरेलू क्रिप्टो एक्सचेंज और टोकन के जरिये पूंजी जुटाने की गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई की। कई मंच बंद हुए या विदेश चले गए। मूल लेख ने 173 मंच बंद होने का आंकड़ा दिया, लेकिन उसकी अवधि और दायरा स्पष्ट नहीं किया।

स्रोत: चीन का केंद्रीय बैंक, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना
चीन ने डिजिटल युआन भी विकसित किया। यह केंद्रीय बैंक की मुद्रा है, बिटकॉइन जैसी निजी क्रिप्टोकरेंसी नहीं। केंद्रीय बैंक ने क्रिप्टो व्यापार के जोखिमों पर कई चेतावनियाँ जारी की हैं।
सितंबर 2021 की संयुक्त सरकारी अधिसूचना ने क्रिप्टो-संबंधी व्यावसायिक गतिविधियों को अवैध वित्तीय गतिविधियाँ घोषित किया। माइनिंग पर कार्रवाई अलग प्रक्रिया में राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग के नेतृत्व में हुई। 6 फरवरी 2026 की नई संयुक्त अधिसूचना ने कठोर व्यावसायिक प्रतिबंध बनाए रखे और वास्तविक परिसंपत्तियों के टोकनीकरण को भी संबोधित किया। यह हर ब्लॉकचेन उपयोग पर प्रतिबंध के समान नहीं है।
2. मिस्र
मिस्र की धार्मिक संस्था दार अल-इफ्ता ने 28 दिसंबर 2017 के मत को जनवरी 2018 के आरंभ में प्रकाशित किया। इसमें बिटकॉइन व्यापार को धार्मिक रूप से अनुचित बताया गया था। धार्मिक मत अपने आप में आपराधिक कानून नहीं होता।
2020 के केंद्रीय बैंक कानून ने क्रिप्टो जारी करने, व्यापार, प्रचार और व्यापार मंच चलाने जैसी गतिविधियों के लिए लाइसेंस की शर्त रखी। इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि सामान्य क्रिप्टो व्यवसायों को आसानी से लाइसेंस मिल सकता है। केंद्रीय बैंक ने ऐसी गतिविधियों से बचने की स्पष्ट चेतावनी दी है।
केंद्रीय बैंक की चेतावनी 12 सितंबर 2022 की थी, 13 सितंबर की नहीं। इसमें कीमतों की अस्थिरता, अपराध संबंधी जोखिम और सरकारी गारंटी के अभाव का उल्लेख था। उल्लंघन के अनुसार कारावास और/या दस लाख से एक करोड़ मिस्री पाउंड का जुर्माना हो सकता है।
3. अल्जीरिया
2018 के वित्त कानून के अनुच्छेद 117 ने आभासी मुद्रा की खरीद, बिक्री, उपयोग और अपने पास रखने पर रोक लगाई। दंड के लिए उसने लागू कानूनों की ओर संकेत किया; उसी अनुच्छेद में एक निश्चित सजा नहीं दी गई थी। 2025 में आभासी परिसंपत्तियों पर प्रतिबंध का दायरा जारी करने, माइनिंग और प्रचार जैसी गतिविधियों तक बढ़ाया गया। मूल लेख ने यह साबित नहीं किया कि ICO धोखाधड़ी ही इस कानून का विशिष्ट या एकमात्र कारण थी।
4. बांग्लादेश
बांग्लादेश में बड़ी आबादी के साथ आभासी मुद्राओं पर कड़े प्रतिबंध हैं। केंद्रीय बैंक मौजूदा विदेशी मुद्रा कानूनों का भी हवाला देता है। यह 2017 के किसी ऐसे नए कानून के समान नहीं है जो हर बिटकॉइन लेनदेन को अपने आप आतंकवाद का वित्तपोषण मानता हो।

बांग्लादेश: आभासी मुद्राओं पर प्रतिबंध
बांग्लादेश बैंक के 15 सितंबर 2022 के परिपत्र 24 ने कहा कि आभासी मुद्राएँ विदेशी मुद्रा कानून के अंतर्गत स्वीकृत विदेशी मुद्रा, लेनदेन या निवेश नहीं हैं। बैंक संबंधित व्यापार और हस्तांतरण में सहायता नहीं कर सकते। हर बिटकॉइन लेनदेन के लिए बारह वर्ष तक जेल होने का मूल दावा प्रमाणित नहीं था; जिम्मेदारी लागू कानून और मामले के तथ्यों पर निर्भर करती है।
5. उत्तर मैसिडोनिया
मूल लेख ने 2016 से उत्तर मैसिडोनिया में क्रिप्टो पर पूर्ण प्रतिबंध होने का दावा किया, लेकिन उसका आधार पर्याप्त नहीं था। केंद्रीय बैंक ने जोखिमों और क्रिप्टो के वैध भुगतान साधन न होने की चेतावनी दी। भुगतान साधन की मान्यता का अभाव अपने आप स्वामित्व पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है। विदेशी लेनदेन और धनशोधन रोकथाम के नियम लागू हो सकते हैं। उत्तर मैसिडोनिया का केंद्रीय बैंक डिजिटल परिसंपत्तियों के जोखिमों पर चेतावनी देता रहा है; मूल लेख सभी क्रिप्टो कंपनियों पर प्रतिबंध का पर्याप्त प्रमाण नहीं देता।
6. वियतनाम
वियतनाम ने क्रिप्टो को भुगतान साधन के रूप में जारी करने, उपलब्ध कराने और उपयोग करने पर रोक लगाई। यह हर प्रकार के स्वामित्व या व्यापार पर सामान्य प्रतिबंध नहीं था। 2025 का डिजिटल प्रौद्योगिकी उद्योग कानून, जो 2026 से प्रभावी हुआ, डिजिटल परिसंपत्तियों के लिए कानूनी ढाँचा लाया। 9 सितंबर 2025 के संकल्प 05/2025/NQ-CP ने विनियमित क्रिप्टो-परिसंपत्ति बाजार का प्रायोगिक कार्यक्रम भी शुरू किया। इससे क्रिप्टो वैध मुद्रा या असीमित भुगतान साधन नहीं बन गया।
7. बोलीविया
बोलीविया के केंद्रीय बैंक ने 2014 से आभासी मुद्रा के उपयोग और बाद में क्रिप्टो लेनदेन के भुगतान माध्यमों पर सीमाएँ लगाईं। मूल लेख ने इन्हें गंभीर मुद्रास्फीति और पूंजी पलायन से जोड़ा, लेकिन इन कारणों का पर्याप्त प्रमाण नहीं दिया।
25 जून 2024 के संकल्प 082/2024 ने पहले के संकल्प 144/2020 को निरस्त कर दिया। इससे आभासी परिसंपत्तियों की खरीद-बिक्री के लिए इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यमों का उपयोग संभव हुआ। इसलिए 2023 की निरंतर पूर्ण प्रतिबंध वाली तस्वीर पुरानी हो गई; हालांकि क्रिप्टो अपने आप वैध मुद्रा नहीं बना।
8. इंडोनेशिया
बैंक इंडोनेशिया ने क्रिप्टो को भुगतान साधन के रूप में रोका था, हर प्रकार के स्वामित्व या विनियमित परिसंपत्ति व्यापार को नहीं। नवंबर 2021 के इंडोनेशियाई उलेमा परिषद के मत में मुद्रा के उपयोग और कुछ धार्मिक शर्तें पूरी करने वाली परिसंपत्तियों के बीच अंतर था। वह सार्वभौमिक आपराधिक व्यापार प्रतिबंध नहीं था।
2023 के P2SK कानून ने क्रिप्टो परिसंपत्तियों का निरीक्षण Bappebti से वित्तीय नियामक OJK को सौंपने का प्रावधान किया, न कि सभी क्रिप्टो गतिविधियों को केंद्रीय बैंक के अधीन करने का। हस्तांतरण 10 जनवरी 2025 को हुआ। बैंक इंडोनेशिया को कुछ वित्तीय डेरिवेटिव की अलग जिम्मेदारियाँ मिलीं; क्रिप्टो परिसंपत्तियाँ OJK के अधीन हैं।
9. अफगानिस्तान
मूल विवरण ने तालिबान शासन में क्रिप्टो व्यापार पर कठोर कार्रवाई की चर्चा की। द अफगानिस्तान बैंक की 2 मार्च 2024 की आधिकारिक चेतावनी ने कहा कि ऑनलाइन मुद्रा-विनिमय सेवाओं को लाइसेंस नहीं दिया गया और ऐसी गतिविधियाँ प्रतिबंधित हैं। इससे पर्याप्त सीमाएँ होने की पुष्टि होती है, लेकिन यह हर क्रिप्टो परिसंपत्ति के सभी कानूनों का पूरा विवरण नहीं है। लेख में बताए गए राजनीतिक उद्देश्यों की अलग पुष्टि नहीं थी।
10. भारत
भारत ने क्रिप्टो को सीमित किया और उस पर कर लगाया, लेकिन यह सामान्य प्रतिबंध के समान नहीं है। RBI ने 2018 में क्रिप्टो कारोबार को बैंकिंग सेवाएँ देने पर रोक लगाई थी। सर्वोच्च न्यायालय ने 4 मार्च 2020 को वह उपाय रद्द कर दिया। डिजिटल रुपये का विकास अलग परियोजना है।
2021 में सरकार ने सट्टेबाजी के जोखिम बताए और निजी क्रिप्टोकरेंसी के लिए विधेयक प्रस्तावित किया। प्रस्ताव पारित सामान्य प्रतिबंध नहीं था। घोषित अपवादों के कारण “CBDC के अलावा सब कुछ प्रतिबंधित” कहना भी अत्यधिक व्यापक था।
2022 में लागू नियमों में आभासी डिजिटल परिसंपत्ति के हस्तांतरण से आय पर 30% कर, लागू अतिरिक्त शुल्क, और कुछ हस्तांतरणों की भुगतान राशि पर 1% स्रोत पर कर कटौती शामिल थी। कटौती की सीमाएँ और अपवाद हैं; वह लाभ पर अलग 1% कर नहीं है। मूल लेख ने व्यापार मात्रा में 80% गिरावट कही, लेकिन पूरे बाजार का दायरा या केवल कर के कारण गिरावट साबित नहीं की।
मूल लेख में भारत को सबसे अधिक कर या सबसे कड़े नियम वाले देशों में रखने के आकलन का वस्तुनिष्ठ मापदंड नहीं था। कर, धनशोधन नियम, सेवा प्रदाताओं की अनुमति और भुगतान की कानूनी स्थिति अलग-अलग विषय हैं।
ऐतिहासिक सूची वर्तमान कानूनी रैंकिंग नहीं है
इन देशों में अलग-अलग प्रकार की सीमाएँ थीं और कुछ नियम 2023 के बाद बदल गए। इसलिए यह सूची तैयार व्यापार रणनीति या किसी गतिविधि की वैधता की गारंटी नहीं है।
नियमों को देश, गतिविधि और संबंधित समय के अनुसार समझना चाहिए। खासकर स्वामित्व, व्यापार, सेवाओं और भुगतान में अंतर रखने से सीमित उपाय को पूर्ण प्रतिबंध बताने की गलती से बचा जा सकता है।












