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जुलाई 2022: DeFi में ऋण चुकाने में विफलता के जोखिम पर रॉबर्ट लेशनर की राय

विकेंद्रीकृत वित्त यानी DeFi में 2020 के मध्य से तेज वृद्धि हुई थी। जुलाई 2022 की शुरुआत में बाजार की परेशानियों से आशंका थी कि यह क्षेत्र केंद्रीकृत क्रिप्टो ऋण कंपनियों जैसी मुश्किलों में पड़ सकता है। उस समय Compound Labs के CEO और Compound Finance के संस्थापक रॉबर्ट लेशनर ने DeFi प्रोटोकॉल पर अधिक भरोसा जताया था। वह उनकी तत्कालीन राय थी, ऋण न चुकाए जाने या नुकसान से बचने की गारंटी नहीं।
लेशनर के अनुसार DeFi में क्या अंतर था?
जुलाई 2022 की शुरुआत में बताए गए साक्षात्कार में लेशनर ने संकटग्रस्त केंद्रीकृत मंचों की तुलना में DeFi प्रोटोकॉल की पारदर्शिता पर जोर दिया था। खुले कोड के मनमर्जी से विचार न बदलने की उनकी उपमा का अर्थ था कि लेनदेन पूर्वनिर्धारित नियमों से चलते हैं, ऋण कंपनी के तदर्थ फैसलों से नहीं। इसका अर्थ यह नहीं था कि प्रोटोकॉल की शासन प्रक्रिया से कोड या मानदंड बदले नहीं जा सकते, या आपात अधिकार मौजूद नहीं हो सकते।
लेशनर ने उस गलतफहमी की ओर ध्यान दिलाया कि बिटकॉइन से वित्तीय सेवा देने वाली हर कंपनी अपने-आप DeFi है। उन्होंने खुले तौर पर प्रोटोकॉल के जरिए काम करने पर जोर दिया। केवल क्रिप्टो परिसंपत्तियों के इस्तेमाल से केंद्रीकृत कंपनी और DeFi प्रोटोकॉल एक जैसे नहीं हो जाते।
लेख ने Aave, MakerDAO, Liquity और Compound की ऋण सुविधाओं की तुलना उस समय दबाव में चल रही Voyager, BlockFi और Celsius की सेवाओं से की थी। इसका अर्थ उनकी संरचना या जोखिम समान होना नहीं था। जमानत वाले DeFi ऋण में प्रोटोकॉल की आवश्यक जमानत सीमा पूरी न होने पर स्थिति परिसमापन के योग्य हो सकती है, भले ही जमानत का मूल्य अभी ऋण के मूलधन से अधिक हो। Compound v2 में परिसमापन करने वाला प्रतिभागी लेनदेन भेजकर कुछ ऋण चुकाता है और अनुबंध के नियमों के अनुसार जमानत प्राप्त करता है। इससे पूरा ऋण अनिवार्य रूप से बंद नहीं होता और पूर्ण वापसी की गारंटी नहीं मिलती। नियम कोड में होते हैं, लेकिन क्रियान्वयन के लिए प्रतिभागियों के लेनदेन जरूरी रहते हैं।
उधार लेने वालों को ये शर्तें समझनी चाहिए। मूल लेख ने जून 2022 के मध्य की तेज गिरावट के दौरान तीन बड़े ऋण प्रोटोकॉल में 300 मिलियन डॉलर से अधिक के परिसमापन की सूचना दी थी। यह उस समय बताई गई परिसमापन की राशि थी, प्रमाणित ऋण चूक या शुद्ध नुकसान की रकम नहीं। यह आज के बाजार की स्थिति भी नहीं बताती।
क्या DeFi बड़े मूल्य उतार-चढ़ाव का सामना कर सकता है?
उधारकर्ता अपनी स्थिति नहीं देख रहा हो, तब भी परिसमापन से जमानत खो सकता है। इसलिए मूल्य जोखिम और परिसमापन सीमाएँ समझना जरूरी है। नियमों के अनुसार परिसमापन होने से तय प्रक्रिया के इस्तेमाल का पता चलता है; इससे तकनीक में कोई समस्या न होने या हर प्रतिभागी के नुकसान से सुरक्षित होने का प्रमाण नहीं मिलता।
लेशनर ने परिसमापन को पारदर्शी जोखिम प्रबंधन का तरीका बताया था। Compound जैसे सार्वजनिक प्रोटोकॉल में जमा और ऋण के लेनदेन तथा अनुबंध के नियम ब्लॉकचेन पर जाँचे जा सकते हैं। सार्वजनिक जानकारी का अर्थ यह नहीं कि हर उपयोगकर्ता हर जोखिम समझता है या DeFi नाम इस्तेमाल करने वाली हर सेवा उतनी ही पारदर्शी है।
लेख ने DeFi की कमजोरियाँ भी स्वीकार की थीं। मार्च 2020 की तरह कीमतें बहुत तेजी से गिरें तो परिसमापन पीछे रह सकता है और ऐसी देनदारी बच सकती है जिसकी पूरी वसूली न हो। कई महीनों में होने वाली गिरावट प्रक्रियाओं को अधिक समय देती है, लेकिन इससे प्रणाली के हमेशा अपने-आप संतुलित होने की गारंटी नहीं मिलती। नतीजा बाजार, तरलता, परिसमापन के क्रियान्वयन और प्रोटोकॉल के नियमों पर भी निर्भर है। जुलाई 2022 में लेशनर के आशावाद को इसी संदर्भ में पढ़ना चाहिए।
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