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प्रतिभूतियों के टोकनीकरण पर UK Finance की 2023 की रिपोर्ट

UK Finance ने जुलाई 2023 की अपनी रिपोर्टमें प्रतिभूतियों के टोकनीकरण और ब्रिटेन के बैंकिंग तथा वित्त क्षेत्र की तैयारी पर विचार किया। रिपोर्ट ने इन प्रश्नों के उत्तर खोजे:
- 2023 में ब्रिटेन की स्थिति क्या थी?
- टोकनीकरण और उसमें ब्रिटेन की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण हैं?
- ब्रिटेन को आगे क्या करना चाहिए?
रिपोर्ट इसलिए उल्लेखनीय है कि UK Finance स्वयं को बैंकिंग और वित्त क्षेत्र की सामूहिक आवाजबताता था। रिपोर्ट के समय संगठन 300 से अधिक कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता था। इससे क्षेत्र के विचार समझने में मदद मिलती है, लेकिन यह हर सिफारिश पर सभी सदस्यों की सहमति का प्रमाण नहीं है। यहाँ 2023 की रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्षों का सार है।
टोकनीकरण का अर्थ यहाँ वितरित बहीखाते (DLT) या ब्लॉकचेन में वित्तीय परिसंपत्तियों का डिजिटल रूप देना है। इसमें पारंपरिक प्रतिभूति का डिजिटल प्रतिनिधित्व और सीधे DLT पर जारी प्रतिभूति, दोनों शामिल हो सकते हैं। UK Finance के अनुसार बाजार शुरुआती अवस्था में था, लेकिन ब्रिटेन के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बनने का अवसर था।
2023 की स्थिति
रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन में टोकनीकृत प्रतिभूतियों का निर्गम कुछ अन्य बाजारों की तुलना में कम था। लेकिन निर्गम की मात्रा अकेला पैमाना नहीं है। कानून, नियमन, बाजार ढाँचा और सरकारी समर्थन भी महत्वपूर्ण हैं। UK Finance का मत था कि सुधार जारी रखने से ब्रिटेन अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है; अग्रणी बनना सुनिश्चित परिणाम नहीं था।
ब्रिटिश विशेषज्ञता के उपयोग का एक उदाहरण था यूरोपीय निवेश बैंक का पहला पाउंड स्टर्लिंग में मूल्यांकित डिजिटल बॉन्ड । EIB ने 50 मिलियन पाउंड के इस बॉन्ड का मूल्य निर्धारण 31 जनवरी 2023 को किया और निपटान 2 फरवरी को हुआ। इसमें लक्ज़मबर्ग का कानून और HSBC Orion प्लेटफ़ॉर्म इस्तेमाल हुआ। यह पाउंड में डिजिटल प्रतिभूतियों के बाजार का उदाहरण था, मांग के निश्चित रूप से लगातार बढ़ने का प्रमाण नहीं।
रिपोर्ट ने विकास के चार प्रमुख आधार बताए:
- कानूनी स्पष्टता
- नियामक स्पष्टता
- विश्वसनीय बाजार बुनियादी ढांचा
- सरकारी समर्थन
रिपोर्ट ने पिछले वर्षों के डिजिटल बॉन्ड निर्गम की तुलना 2021 में विश्व स्तर पर जारी 20.6 ट्रिलियन डॉलर के दीर्घकालिक स्थिर-आय साधनों से की। डिजिटल बॉन्ड का अनुमान उस तुलना-राशि के 1% से कम था; यह 2021 की सटीक टोकनीकृत बाजार हिस्सेदारी नहीं थी। उदाहरण सिंगापुर, हांगकांग, स्विट्ज़रलैंड, फ्रांस, जर्मनी और लक्ज़मबर्ग में मिले।
ब्रिटेन में Santander और NatWest ने फरवरी 2022 में ऐसा परीक्षण बताया जिसमें सार्वजनिक ब्लॉकचेन पर प्रतिभूति जारी हुई और भुगतान DLT आधारित प्रणाली से हुआ। रिपोर्ट में JP Morgan की ब्रिटिश इकाई, DBS Bank, HQLAX, Fnality, Goldman Sachs (GS ) और UBS की गतिविधियों का भी उल्लेख था।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
ब्रिटेन का अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र होना रिपोर्ट का प्रमुख संदर्भ था। इसमें 2030 के अलग-अलग अनुमान दिए गए: HSBC ने डिजिटल परिसंपत्तियों को वैश्विक परिसंपत्तियों का 5–10% बनने का अनुमान लगाया, जबकि Citi ने टोकनीकृत प्रतिभूतियों का बकाया आकार 4–5 ट्रिलियन डॉलर बताया। ये अलग स्रोतों और मापदंडों के पूर्वानुमान थे, वास्तविक वर्तमान बाजार आकार या निश्चित परिणाम नहीं।
संभावित लाभों में ये बातें शामिल थीं:
- पूंजी मुक्त करना और स्वामित्व को छोटे हिस्सों में बाँटना
- कारोबार सुगम बनाना और तरलता बढ़ने की संभावना, जिससे बँधी पूंजी मुक्त हो सकती है।
- परिसंपत्ति से जुड़े अधिकारों को छोटे हिस्सों में बाँटना, ताकि निवेशक उनका कुछ भाग खरीद सकें।
- ऐसे निपटान से जोखिम प्रबंधन बेहतर करना जिसमें संपत्ति और भुगतान का हस्तांतरण एक साथ हो और एक दूसरे के बिना पूरा न हो। उचित उत्पाद और बाजार संरचना में इससे प्रतिपक्ष, दिवालियापन और दायित्व पूरा न होने के जोखिम घट सकते हैं।
टोकनीकरण तकनीकी और परिचालन जोखिम भी लाता है, जैसे गलत डेटा प्रविष्टि, साइबर सुरक्षा खतरे और DLT प्रणालियों के बीच कमजोर समन्वय। लाभ और जोखिम का संतुलन कार्यान्वयन पर निर्भर करता है; संभावित फायदे निगरानी की जरूरत समाप्त नहीं करते।
रिपोर्ट में परिचालन बचत के पुराने अनुमानों का भी उल्लेख था: पहले के यूरोपीय आकलन के अनुसार, पूरी तरह स्वचालित DLT आधारित रिपोर्टिंग से सालाना अधिकतम 4 बिलियन यूरो बच सकते थे। डेरिवेटिव बाजार में क्लियरिंग, निपटान, संपार्श्विक प्रबंधन और अन्य मध्यस्थ कार्यों में भी अरबों यूरो की संभावित बचत बताई गई थी। ये मान्यताओं पर आधारित अनुमान थे, पहले से प्राप्त बचत नहीं।
हांगकांग के 2023 के टोकनीकृत हरित बॉन्ड का निपटान सामान्य T+5 की तुलना में T+1, यानी मूल्य निर्धारण के अगले दिन हुआ। SGX और Marketnode की 2022 की सेवा में नए निर्गम का निपटान पाँच से दो दिन हुआ, अर्थात 60% कम समय। इनमें से कोई उदाहरण यह नहीं बताता कि हर टोकनीकृत सौदा तुरंत निपटता है। स्वचालन से मैनुअल काम, ग्राहक जाँच और प्रतिभूतियों का प्रशासन आसान हो सकता है, लेकिन नतीजे प्रणाली पर निर्भर करते हैं।
UK Finance ने टोकनीकृत बॉन्ड को तकनीक का परीक्षण करने और उसका मूल्य समझने का व्यावहारिक शुरुआती विकल्प माना।
रिपोर्ट के लिए परामर्श किए गए निवेशकों ने निजी इक्विटी, ऋण साधनों और फंडों में भी अवसर देखे, जिनमें मनी मार्केट फंड शामिल थे। अचल संपत्ति से जुड़े अधिकार छोटे हिस्सों में बाँटने से निवेशक आधार बढ़ सकता है, लेकिन खरीदार अपने आप नहीं बनते और तरलता जोखिम नहीं मिटता। कानूनी स्वामित्व, अभिरक्षा और हस्तांतरण की व्यवस्था टोकन के बाहर भी काम करनी चाहिए। स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट नियम और प्रक्रियाएँ स्वचालित कर सकते हैं, लेकिन दस्तावेजों की सत्यता स्वयं सिद्ध नहीं करते या हर त्रुटि समाप्त नहीं करते।
आगे के कदम
UK Finance के अनुसार संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए सरकार और क्षेत्र को साझा रणनीतिक कार्ययोजना चाहिए थी। उद्देश्य बाजार विकसित होने पर वित्तीय सेवाओं की प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखना था।
रिपोर्ट ने अलग-अलग बहीखातों से परस्पर जुड़े नेटवर्क और फिर व्यापक साझा संरचना तक के संभावित मॉडल बताए। यह विकास का एक मॉडल था, यह निश्चित भविष्यवाणी नहीं कि हर बाजार अंततः एक सार्वभौमिक बहीखाते में शामिल होगा।
अल्पावधि में रिपोर्ट ने अलग प्रणालियों में भी प्रयोगों का समर्थन करने और साथ ही परस्पर संचालन की तैयारी की सिफारिश की। सिंगापुर, स्विट्ज़रलैंड और लक्ज़मबर्ग को पहले से प्रगति करने वाले उदाहरणों के रूप में रखा गया।
रिपोर्ट ने ब्रिटेन के लिए तीन कार्य बताए: कानूनी और नियामक स्पष्टता के साथ नवाचार तथा प्रयोग संभव करना; सुरक्षित रूप से विस्तार करने वाले, परस्पर काम कर सकने वाले डिजिटल बाजार विकसित करना; और टोकनीकृत प्रतिभूतियों के अंतरराष्ट्रीय मानकों में योगदान देना।
सरकार, नियामकों, विधि विशेषज्ञों और बाजार प्रतिभागियों के लिए UK Finance की सिफारिशें थीं:
- टोकनीकृत प्रतिभूतियों की कानूनी स्थिति और व्यवहार तथा आवश्यक नियामक सुधार स्पष्ट किए जाएँ।
- नियमन में तकनीकी तटस्थता रखी जाए, साथ ही अलग तकनीकों और कार्यान्वयनों की विशेषताओं को ध्यान में रखा जाए।
- सरकार समर्थित नियामक परीक्षण क्षेत्र, यानी सैंडबॉक्स, में बाजार संरचनाओं को परखा जाए। 2023 की रिपोर्ट नियोजित FMI Sandbox का उल्लेख करती थी; Digital Securities Sandbox में आवेदन 30 सितंबर 2024 से खुले।
इन सिफारिशों से स्पष्टता बढ़ सकती थी, कानूनी सलाह आसान हो सकती थी और क्षेत्र की भागीदारी बढ़ सकती थी। ये अपेक्षित प्रभाव थे, स्वचालित परिणाम नहीं।
रिपोर्ट के निष्कर्ष
UK Finance ने 2023 में टोकनीकरण के जरिए ब्रिटेन के पूंजी बाजार मजबूत करने का अवसर देखा। सफलता के लिए तकनीकी विकास के साथ उपयुक्त नियम और सहयोग जरूरी थे।
रिपोर्ट के अनुसार विकास में सहायक परिवेश चाहिए, ताकि DLT और ब्लॉकचेन के संभावित लाभ मिल सकें। इसके लिए परीक्षण, प्रणालियों के बीच समन्वय के मानक और जरूरी कानूनी तथा नियामक सुधार आवश्यक हैं।
रिपोर्ट ने 2023 में सरकार, नियामकों और क्षेत्र के बीच जारी सहयोग का उल्लेख किया। उस समय तैयारी में FMI Sandbox और टोकनीकरण के कानूनी प्रावधान भी थे। बाद में खुले DSS को रिपोर्ट के समय की योजनाओं से अलग समझना चाहिए।
रिपोर्ट का संदेश था कि तैयारी समय रहते शुरू की जाए। इसका अर्थ यह नहीं था कि सभी लाभ पहले ही मिल चुके थे या व्यापक अपनाना निश्चित था।
UK Finance की पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।












