स्थिरता
मीथेन हटाने की तकनीक को पुनर्विचार की आवश्यकता है, क्योंकि नुकसान लाभों से अधिक हो सकते हैं

मीथेन (CH₄) एक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है। इसके उत्सर्जन को घटाना जलवायु के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन पहले से वातावरण में मौजूद मीथेन हटाने के प्रस्तावों का अलग मूल्यांकन जरूरी है। यूटा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक विशेष प्रस्ताव का कंप्यूटर मॉडल बनाया: मीथेन के ऑक्सीकरण को तेज करने के लिए हवा में हाइड्रोजन पेरॉक्साइड (H₂O₂) छोड़ना। नतीजे इसी प्रस्ताव से संबंधित हैं, मीथेन उत्सर्जन घटाने के हर उपाय से नहीं।
मीथेन और हवा की गुणवत्ता
मीथेन तेल और गैस उत्पादन, कोयला खनन, कृषि, कूड़ा भराव स्थलों तथा प्राकृतिक प्रक्रियाओं से निकलती है। यह तापमान बढ़ाने और जमीन के पास ओजोन बनने में योगदान देती है; जमीन के पास ओजोन स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा सकती है। लेकिन मीथेन सीधे उस सुरक्षात्मक ओजोन परत को नष्ट करने वाला पदार्थ नहीं है जो ऊपरी वायुमंडल में है। पहले के लेख में इन दो अलग बातों को मिला दिया गया था।
वायुमंडल में मीथेन मुख्यतः हाइड्रॉक्सिल मूलक (OH) से प्रतिक्रिया करके टूटती है। अंततः अन्य उत्पादों के साथ कार्बन डाइऑक्साइड और पानी बनते हैं; मीथेन केवल ऑक्सीजन में नहीं बदलती। स्रोत पर उत्सर्जन रोकना, हवा में पहुँच चुकी मीथेन को बाद में हटाने से अलग उपाय है।
स्रोत: यूटा विश्वविद्यालयअध्ययन ने क्या मॉडल किया?
Environmental Science & Technology में प्रकाशित अध्ययन में अल्फ्रेड डब्ल्यू. मेह्यू और जेसिका डी. हास्किन्स ने वैश्विक वायुमंडलीय रसायन और परिवहन मॉडल का इस्तेमाल किया। उन्होंने आकलन किया कि OH मूलकों की मात्रा बढ़ाने और मीथेन का ऑक्सीकरण तेज करने के लिए जानबूझकर H₂O₂ छोड़ने पर क्या हो सकता है। यह कंप्यूटर अनुकरण था, बड़े पैमाने पर किया गया वास्तविक प्रयोग नहीं।
ऑक्सीकरण करने वाले पदार्थ कई दूसरी प्रतिक्रियाओं में भी भाग लेते हैं। इसलिए डाले गए पूरे H₂O₂ से मीथेन नहीं हटती। ये प्रतिक्रियाएँ निचले वायुमंडल की ओजोन और सूक्ष्म कणों को भी प्रभावित कर सकती हैं। असर छोड़ी गई मात्रा, जगह, मौसम और अन्य वायुमंडलीय रसायन पर निर्भर करता है।
नतीजे और उनकी व्याख्या
शोधकर्ताओं के अनुसार प्रस्तावित मात्रा में ऑक्सीकारक छोड़ने से निचले वायुमंडल की ओजोन और कणों के मासिक औसत पर असर बहुत कम था। लेकिन दूसरी प्रतिक्रियाओं के कारण उस स्तर पर मीथेन हटाने का लाभ भी सीमित था। यदि मीथेन की मात्रा को काफी घटाने लायक बड़े पैमाने पर यह तरीका अपनाया जाए, तो मॉडल ने कुछ क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान सूक्ष्म कणों में उल्लेखनीय वृद्धि का अनुमान लगाया।
इसका अर्थ यह नहीं कि मीथेन से निपटने वाला हर उपाय हवा की गुणवत्ता बिगाड़ता है। इस विशेष प्रस्ताव के लाभ और दुष्प्रभाव साथ में जाँचे जाने चाहिए। मॉडल के अनुमान को आबादी में पहले से देखे गए स्वास्थ्य प्रभाव के रूप में प्रस्तुत नहीं करना चाहिए।
उत्सर्जन रोकना और कंपनियाँ
मीथेन रिसाव पहचानकर ठीक करना, गैस एकत्र करना और उत्पादन के तरीके सुधारना हवा में ऑक्सीकारक फैलाने से अलग हैं। अध्ययन ने इन सभी उपायों का मूल्यांकन नहीं किया और यह नहीं दिखाया कि स्रोत पर उत्सर्जन रोकना हानिकारक है।
Occidental Petroleum (OXY ) ऊर्जा क्षेत्र में काम करती है, पर यूटा विश्वविद्यालय का यह मॉडल अध्ययन उसने नहीं किया। वायुमंडलीय रसायन के इन नतीजों से कंपनी के व्यवसाय या शेयर के बारे में सीधा अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
OXY मूल्य चार्ट
निष्कर्ष
हवा से मीथेन हटाने की रासायनिक विधियों का मूल्यांकन वास्तविक मीथेन कमी और वायु गुणवत्ता, दोनों आधारों पर होना चाहिए। यूटा विश्वविद्यालय का मॉडल बताता है कि व्यापक H₂O₂ उत्सर्जन सर्दियों में कण प्रदूषण बढ़ा सकता है, जबकि छोटी मात्रा में मीथेन हटाने का लाभ सीमित रहेगा। मूल अध्ययन पढ़ें।
उल्लिखित अध्ययन
Mayhew, A. W. और Haskins, J. D. (2025)। Potential Air Quality Side-Effects of Emitting H₂O₂ to Enhance Methane Oxidation as a Climate Solution. Environmental Science & Technology, 59(1), 679–688। doi:10.1021/acs.est.4c11697।












