विनियमन
लुमिस–गिलिब्रैंड ने डिजिटल परिसंपत्तियों के नियमन का विधेयक पेश किया

कई महीनों की तैयारी के बाद दो सीनेटरों ने 7 जून 2022 को डिजिटल परिसंपत्तियों के नियमन के लिए एक व्यापक विधेयक पेश किया। लूना और UST के पतन ने इस क्षेत्र के जोखिमों और निवेशक संरक्षण मजबूत करने की जरूरत को उजागर किया था।
विधेयक का उद्देश्य क्या था?
Responsible Financial Innovation Act नामक यह विधेयक सीनेटर सिंथिया लुमिस और सीनेटर कर्स्टन गिलिब्रैंड ने पेश किया। इसका उद्देश्य ऐसे व्यापक नियामक ढाँचे की नींव रखना था जो डिजिटल परिसंपत्तियों को मौजूदा वित्तीय प्रणाली में शामिल करने में मदद करे। लुमिस भी सार्वजनिक रूप से यह लक्ष्य व्यक्त कर चुकी थीं।

स्रोत: Twitter @SenLummis
यह प्रस्ताव डिजिटल परिसंपत्तियों के समर्थन में लुमिस की लंबे समय से चली आ रही भूमिका और दोनों दलों के सहयोग के कारण उल्लेखनीय था। लुमिस रिपब्लिकन और गिलिब्रैंड डेमोक्रेट थीं।
किन क्षेत्रों को शामिल किया जाना था?
विधेयक में निम्नलिखित क्षेत्र शामिल थे और प्रत्येक के लिए अनेक विशिष्ट प्रावधान प्रस्तावित थे:
- डिजिटल परिसंपत्तियों का कराधान
- प्रतिभूतियों के क्षेत्र में नवाचार
- जिंसों के क्षेत्र में नवाचार
- उपभोक्ता संरक्षण
- भुगतान में नवाचार
- बैंकिंग में नवाचार
- एजेंसियों के बीच समन्वय
इसमें आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले शब्दों की साझा परिभाषाएँ भी प्रस्तावित थीं। डिजिटल परिसंपत्तियों के वर्गीकरण पर विवादों के कारण दायित्वों और नियामकों के अधिकार-क्षेत्र को तय करना कठिन था।
कौन से महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित थे?
विधेयक के अनेक प्रावधानों में निम्नलिखित बदलाव विशेष रूप से उल्लेखनीय थे:
- कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमिशन (CFTC) को उन डिजिटल परिसंपत्तियों के हाजिर बाजारों पर स्पष्ट अधिकार मिलते जो प्रतिभूतियाँ नहीं थीं। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमिशन (SEC) के पास प्रतिभूतियों और निवेश अनुबंधों से जुड़े कुछ सूचना-प्रकटीकरण दायित्वों पर अधिकार बना रहता। दोनों सीनेटरों का मानना था कि कई डिजिटल परिसंपत्तियाँ प्रतिभूतियों की अपेक्षा जिंसों से अधिक मिलती-जुलती थीं। SEC की प्रवर्तन कार्रवाइयों के माध्यम से नियमन करने की पद्धति की आलोचना के बीच यह प्रस्ताव अधिकारों को स्पष्ट रूप से बाँटना चाहता था।
- वस्तुओं और सेवाओं की निजी खरीद के लिए आभासी मुद्रा के उपयोग से होने वाले लाभ या हानि में से अधिकतम 200 डॉलर को सकल आय से बाहर रखने का प्रस्ताव था। आपस में संबंधित लेनदेन एक साथ गिने जाते। उद्देश्य बिटकॉइन जैसी परिसंपत्तियों से रोजमर्रा के भुगतान आसान बनाना था। यह सीमा बाहर रखे जाने वाले लाभ या हानि पर लागू होती, न कि किसी भी खरीद की कीमत पर।
- डिजिटल परिसंपत्ति सेवाओं के प्रदाताओं को अपने उत्पादों और सेवाओं के जोखिमों के बारे में अधिक जानकारी देनी होती।
- विधेयक के दायरे में आने वाले भुगतान स्टेबलकॉइन के लिए देनदारियों के कम से कम 100% के बराबर उच्च गुणवत्ता वाली तरल परिसंपत्तियों का भंडार, सूचना-प्रकटीकरण और अंकित मूल्य पर मोचन प्रस्तावित था। यह मॉडल मूल्य बनाए रखने के लिए केवल एल्गोरिदमिक तंत्र पर निर्भर रहने के बजाय वित्तीय परिसंपत्तियों के समर्थन पर आधारित था।
लुमिस और गिलिब्रैंड ने प्रस्तावित प्रावधानों का अधिक विवरण देने वाला खंडवार सारांश भी प्रकाशित किया।
बाइडेन के कार्यकारी आदेश की पृष्ठभूमि में
जून 2022 में पेश किए गए विधेयक की तैयारी कई महीने पहले शुरू हुई थी। यह व्यापक नियामक बहस का हिस्सा था, जिसमें बाइडेन द्वारा 9 मार्च 2022 को हस्ताक्षरित डिजिटल परिसंपत्तियों के जिम्मेदार विकास को सुनिश्चित करने संबंधी कार्यकारी आदेश भी शामिल था।
इस आदेश ने उपभोक्ताओं और निवेशकों की सुरक्षा, देश के सामने जोखिमों से निपटने, जिम्मेदार नवाचार और अमेरिका के वित्तीय नेतृत्व को बढ़ावा देने की प्राथमिकताएँ तय की थीं।
नियमन की दिशा में बढ़ते कदम
विधेयक की प्रस्तुति डिजिटल परिसंपत्तियों के लिए स्पष्ट नियम बनाने में बढ़ती रुचि को दर्शाती थी। कुछ दिन पहले हमने एक अन्य प्रस्ताव पर रिपोर्ट की थी, जिसे न्यूयॉर्क की विधायिका ने मंजूरी दी थी। इसमें कार्बनयुक्त ईंधन का उपयोग करने वाले और प्रूफ-ऑफ-वर्क (PoW) माइनिंग को सीधे बिजली देने वाले बिजलीघरों के नए उत्सर्जन परमिट पर दो वर्ष की रोक प्रस्तावित थी। इस बिजली खपत को बढ़ाने वाले परमिट नवीनीकरण भी इसके दायरे में आते। इस लेख की तारीख तक प्रस्ताव को विधायिका की मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन वह कानून नहीं बना था। इस तरह न्यूयॉर्क नियामक बहस में सख्त रुख अपना रहा था। यह देखना बाकी था कि यह कदम उचित संरक्षण देगा या कंपनियों को अधिक अनुकूल न्यायक्षेत्रों की ओर जाने के लिए प्रेरित करेगा।












