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बिटकॉइन के इतिहास के दस महत्वपूर्ण पड़ाव

पहली सफल विकेंद्रीकृत क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन के इतिहास में कई घटनाओं ने उसके विकास की दिशा बदली है। सतोशी नाकामोतो के इसे प्रस्तुत करने के बाद बहुत कुछ हुआ है। ये दस महत्वपूर्ण पड़ाव बाजार और भविष्य के बदलावों से जुड़े अवसरों तथा जोखिमों को समझने में मदद करते हैं।
श्वेतपत्र का प्रकाशन
इस सूची की शुरुआत बिटकॉइन के श्वेतपत्र के प्रकाशन से होती है। इस प्रसिद्ध दस्तावेज में नाकामोतो ने केंद्रीय मध्यस्थ के बिना उपयोगकर्ताओं के बीच इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की व्यवस्था समझाई। मूल लेख में इसके 19 भाषाओं में अनुवाद होने का उल्लेख था। इस डिजाइन ने डिजिटल मुद्रा बनाने के पुराने प्रयासों से सीखते हुए समय-मुहरों, ब्लॉकों की शृंखला, प्रूफ-ऑफ-वर्क और नेटवर्क की सहमति को जोड़ा, ताकि एक ही राशि दो बार खर्च न की जा सके।
शुरुआत में बिटकॉइन के श्वेतपत्र को सीमित प्रतिक्रिया मिली, क्योंकि समुदाय छोटा था। इन्हीं शुरुआती उपयोगकर्ताओं ने ऐसे उद्योग की नींव रखी जिसका मूल्य बाद में एक लाख करोड़ डॉलर से अधिक हुआ। दस्तावेज ने डिजाइन सार्वजनिक किया और दिखाया कि केंद्रीय संचालक के बिना साझा लेनदेन बही कैसे काम कर सकती है।
बिटकॉइन की शुरुआत
3 जनवरी 2009 को बिटकॉइन का पहला, यानी जेनेसिस ब्लॉक बनाया गया। नेटवर्क के जन्म का यह महत्वपूर्ण पड़ाव था और ब्लॉक में 50 BTC का पुरस्कार शामिल था। नाकामोतो ने उसके बाद के शुरुआती दौर में भी माइनिंग की। कुछ अनुमान उनके नाम लगभग दस लाख BTC जोड़ते हैं, लेकिन सही मात्रा और उनका स्वामित्व निश्चित नहीं है।
शुरुआत में बहुत कम लोगों को इस डिजाइन की जानकारी थी, इसलिए कोई बड़ा उत्सव नहीं हुआ। जेनेसिस ब्लॉक में द टाइम्स समाचारपत्र की एक सुर्खी ने बिटकॉइन की शुरुआत को वित्तीय संकट से जोड़ा: “बैंकों के लिए दूसरे राहत पैकेज की तैयारी में वित्त मंत्री”। मूल अंग्रेजी सुर्खी थी: “Chancellor on brink of second bailout for banks”।
बिटकॉइन पिज्जा दिवस
बिटकॉइन पिज्जा दिवस BTC से भौतिक वस्तुएँ खरीदने की एक प्रसिद्ध शुरुआती घटना की याद में मनाया जाता है। फ्लोरिडा के लास्जलो हैन्येक्ज ने 18 मई 2010 को बिटकॉइन फोरम पर दो बड़े पिज्जा के बदले 10,000 BTC देने की पेशकश की। 22 मई को उन्होंने बताया कि यह सौदा पूरा हो गया।
उस समय बिटकॉइन बहुत कम जाना जाता था और उसका बाजार मूल्य बेहद कम था। बाद के वर्षों में कीमत बढ़ने से यह खरीद प्रसिद्ध हुई। यह घटना छोटे समुदाय के प्रयोग से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल होने वाली डिजिटल संपत्ति तक की यात्रा याद दिलाती है।
सिल्क रोड
सिल्क रोड ने शुरुआती दौर में दिखाया कि बिटकॉइन का उपयोग छिपे हुए ऑनलाइन बाजारों में भी भुगतान के लिए हो सकता है। डार्क वेब में ऐसे सेवास्थल होते हैं जिनके लिए विशेष सॉफ्टवेयर या पहुँच की आवश्यकता होती है; यह केवल सर्च इंजन में न दिखने वाली सभी वेबसाइटों का नाम नहीं है। सिल्क रोड इनमें सबसे प्रसिद्ध बाजारों में से एक था और बाद में बंद कर दिया गया।
रॉस उलब्रिख्ट ने सिल्क रोड बनाया। वहाँ मादक पदार्थ और नकली पहचान दस्तावेज जैसी वस्तुएँ बेची जाती थीं। बिटकॉइन का उपयोग कुछ हद तक इस धारणा के कारण हुआ कि यह गुमनाम है, हालांकि उसके लेनदेन ब्लॉकचेन पर दिखाई देते हैं। उलब्रिख्ट ने बाद में साइट बनाने की बात स्वीकार की, लेकिन अपनी आगे की भूमिका से जुड़े कुछ आरोपों का विरोध किया।
सिल्क रोड ने भुगतान के साधन के रूप में बिटकॉइन की पहचान बढ़ाई। कुछ लोगों को इस बाजार के जरिए पहली बार बिटकॉइन की जानकारी मिली। कई शुरुआती धारकों को बाद की कीमत-वृद्धि से लाभ हुआ, लेकिन इससे किसी खास बाजार मूल्य का श्रेय सिल्क रोड को देना सिद्ध नहीं होता।

सिल्क रोड के संस्थापक रॉस उलब्रिख्ट
अक्टूबर 2013 में अमेरिकी संघीय अधिकारियों ने साइट पर ड्रेड पाइरेट रॉबर्ट्स नाम इस्तेमाल करने वाले उलब्रिख्ट को गिरफ्तार किया और सिल्क रोड बंद कर दिया। गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय समाचार बनी। 2015 में उन्हें आजीवन कारावास और अपराध की आय के लगभग 18.396 करोड़ डॉलर की जब्ती का आदेश दिया गया।
माउंट गॉक्स का उदय
माउंट गॉक्स शुरुआती दौर के सबसे महत्वपूर्ण केंद्रीकृत बिटकॉइन एक्सचेंजों में से एक बना। बिटकॉइन मार्केट 2010 में उससे पहले काम शुरू कर चुका था। एक्सचेंजों ने खुद माइनिंग किए बिना या किसी धारक से सीधे सौदा किए बिना BTC खरीदना आसान बनाया। मूल लेख में दिए ऐतिहासिक आँकड़ों के अनुसार, अपने चरम पर माउंट गॉक्स 70% से अधिक बिटकॉइन कारोबार संभालता था।
जेड मैककेलेब ने जुलाई 2010 में यह बिटकॉइन एक्सचेंज शुरू किया। माउंट गॉक्स बाजार में प्रवेश का महत्वपूर्ण माध्यम बना और केंद्रीकृत क्रिप्टो एक्सचेंजों का मॉडल बनाने में मदद की। ऐसे एक्सचेंज आगे भी महत्वपूर्ण रहे, लेकिन माउंट गॉक्स का अंत बुरा हुआ।
माउंट गॉक्स का पतन
इसका पतन इसके उदय जितना ही महत्वपूर्ण था। घटना ने सुरक्षा, सॉफ्टवेयर की जाँच और ग्राहकों की संपत्ति के सावधानीपूर्वक प्रबंधन की जरूरत उजागर की। फरवरी 2014 में माउंट गॉक्स बंद हुआ और शुरुआत में लगभग 8.5 लाख BTC की कमी बताई। बाद की जाँचों ने लंबे समय के दौरान हुई चोरी की ओर संकेत किया।
उस समय के प्रमुख एक्सचेंज के दिवालिया होने और अचानक बंद होने से बाजार को झटका लगा तथा भारी कीमत-गिरावट हुई। इस 2023 के लेख के समय लेनदार अभी भुगतान का इंतजार कर रहे थे। इन झटकों के बावजूद बिटकॉइन बाजार पूंजीकरण के आधार पर सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बना रहा।
2017 की क्रिप्टो तेजी
2017 क्रिप्टोकरेंसी के लिए एक निर्णायक वर्ष था। बिटकॉइन वर्ष की शुरुआत के लगभग 1,000 डॉलर से बढ़कर दिसंबर में करीब 20,000 डॉलर पहुँच गया। इस तेजी के बाद लंबा मंदी का दौर आया।
बिटकॉइन को पहले से कहीं अधिक व्यापक पहचान मिली। बढ़ती रुचि ने समर्थकों और आलोचकों के बीच चर्चा बदली और इस वर्ष को कई परियोजनाओं तथा कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण बनाया।
बिटकॉइन कैश का हार्ड फोर्क
बिटकॉइन कैश एक हार्ड फोर्क, यानी असंगत नियमों वाली शृंखला के अलग होने से बना। यह बिटकॉइन के इतिहास की सबसे विवादित घटनाओं में शामिल है। समुदाय नेटवर्क पर बढ़ती भीड़ का समाधान करने के तरीके पर बँट गया था। 2017 के विस्तार के दौरान उपयोगकर्ताओं को ऊँचे शुल्क और देरी का सामना करना पड़ा।
इस विवाद से 1 अगस्त 2017 को शृंखला का विभाजन हुआ। बिटकॉइन ABC के डेवलपर, ViaBTC और Bitmain जैसे पक्ष बिटकॉइन कैश का समर्थन कर रहे थे। बिटकॉइन कैश की शुरुआती ब्लॉक सीमा 8 MB थी, जबकि बिटकॉइन की मौजूदा आधार सीमा 1 MB थी। शुरुआती समर्थन के कारण अक्सर “बिटकॉइन जीसस” कहे जाने वाले रोजर वेर भी प्रमुख समर्थक थे।
बिटकॉइन कोर के कई डेवलपर बड़े ब्लॉकों को सबसे अच्छा समाधान नहीं मानते थे। उनकी चिंताओं में विकेंद्रीकरण और नेटवर्क के प्रतिभागियों के उपकरणों की जरूरतें शामिल थीं। बिटकॉइन कैश ने बाद में सीमा और बढ़ाई तथा नए विभाजन भी हुए। लेख की 2023 की बाजार तुलना में बिटकॉइन का बाजार पूंजीकरण कहीं बड़ा था।
लाइटनिंग नेटवर्क
सेगविट क्षमता बढ़ाने का दूसरा तरीका था। इसने हस्ताक्षर संबंधी डेटा को लेनदेन की मूल संरचना से अलग किया, लेकिन उसे ब्लॉकचेन में ही रखा। इसने ब्लॉक क्षमता की गणना बदली और लेनदेन पहचान से जुड़ी समस्याएँ दूर कीं, जिससे लाइटनिंग नेटवर्क जैसे भुगतान चैनलों का विकास आसान हुआ।
लाइटनिंग भुगतान चैनलों के जरिए अनेक भुगतान मुख्य शृंखला के बाहर संभालता है। चैनल खोलने और बंद करने के लिए ब्लॉकचेन लेनदेन जरूरी होते हैं; बीच के भुगतान उपलब्ध क्षमता और तरलता पर निर्भर रहते हैं। इससे मुख्य शृंखला का बोझ घटता है और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट से सुरक्षित चैनलों में छोटे भुगतान संभव होते हैं। भुगतान आम तौर पर कुछ सेकंड में हो सकते हैं।
एल साल्वाडोर
7 सितंबर 2021 को एल साल्वाडोर बिटकॉइन को वैध भुगतान माध्यम बनाने वाला पहला देश बना। उस समय का कानून आर्थिक पक्षों को सिद्धांततः पेश किए गए बिटकॉइन भुगतान स्वीकार करने के लिए बाध्य करता था, हालांकि तकनीकी बाधा होने पर छूट थी। राष्ट्रपति नायब बुकेले ने यह पहल की।
सरकार ने इस पहल के साथ जानकारी देने का अभियान और चीवो वॉलेट शुरू किया, जो लाइटनिंग के जरिए बिटकॉइन भुगतान का समर्थन करता था। पात्र उपयोगकर्ताओं को पंजीकरण पर 30 डॉलर के बराबर BTC मिल सकते थे। इस प्रोत्साहन का उद्देश्य वॉलेट का उपयोग बढ़ाना था।
सितंबर 2021 की शुरुआत की वित्तीय संस्थानों और नियामकों ने आलोचना की, लेकिन सरकार ने परियोजना जारी रखी। एल साल्वाडोर में एल जोंटे का बिटकॉइन बीच भी था। यह सामुदायिक पहल 2019 में शुरू हुई थी और बिटकॉइन भुगतान के आसपास स्थानीय अर्थव्यवस्था विकसित कर रही थी।
2023 के लेख ने तत्कालीन नीतियों के कारण एल साल्वाडोर को बिटकॉइन समर्थकों के लिए आकर्षक गंतव्य बताया। देश भू-तापीय ऊर्जा से बिटकॉइन माइनिंग की संभावना भी तलाश रहा था। 2021 में बुकेले ने सरकारी कंपनी LaGeo को ज्वालामुखीय स्रोतों की ऊर्जा से माइनिंग की योजना बनाने का निर्देश दिया। यह बिटकॉइन रणनीति को देश के भू-तापीय संसाधनों से जोड़ने की महत्वाकांक्षा का हिस्सा था।
बिटकॉइन के और भी पड़ाव बाकी हैं
बिटकॉइन का इतिहास दिखाता है कि समुदाय तकनीकी बदलावों, तेज विकास और संकटों के बीच कैसे आगे बढ़ा। बिटकॉइन अलग-अलग देशों में व्यक्तिगत प्रोग्रामर से लेकर राष्ट्रीय नीति निर्माताओं तक पहुँचा। समर्थक इसे अधिक स्वतंत्र भुगतान और वित्तीय सेवाओं तक पहुँच का माध्यम मानते हैं। लेख की बाजार परिस्थिति में यह सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी थी।












