विनियमन
ब्रिटेन ने फ़रवरी 2023 में क्रिप्टो नियमन के प्रस्ताव पेश किए

ब्रिटेन के वित्त मंत्रालय HM Treasury ने 1 फ़रवरी 2023 को परामर्श दस्तावेज़ क्रिप्टो-एसेट्स के लिए भविष्य की वित्तीय सेवाओं की नियामक व्यवस्था प्रकाशित किया। इसमें भावी नियमों पर राय और जानकारी माँगी गई थी। यह प्रस्तावों का परामर्श था, तत्काल लागू हो चुकी नई नियामक व्यवस्था नहीं।
दस्तावेज़ की भूमिका में ट्रेज़री के आर्थिक सचिव और सांसद एंड्रयू ग्रिफ़िथ ने ब्रिटेन को खुले, सुविनियमित और तकनीकी रूप से विकसित पूँजी बाज़ारों का केंद्र बनाने का लक्ष्य बताया। इसके लिए नई वित्तीय तकनीकों के अवसरों का उपयोग करने की बात कही गई।
ग्रिफ़िथ के अनुसार, क्रिप्टो के संभावित लाभ ब्रिटेन की फ़िनटेक स्थिति मज़बूत करने, वृद्धि और नवाचार को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं।
परामर्श में जवाब देने की अंतिम तारीख 30 अप्रैल 2023 थी। क्रिप्टो, वित्तीय और प्रौद्योगिकी कंपनियों, अन्य प्रभावित व्यवसायों, प्रतिनिधि संस्थाओं, शिक्षाविदों, उद्योग संघों, क़ानूनी फर्मों और उपभोक्ता समूहों से प्रतिक्रिया माँगी गई थी।
दस्तावेज़ के 52 प्रश्नों में नियामक प्रस्ताव, आधिकारिक मुद्राओं से समर्थित और एल्गोरिद्मिक स्टेबलकॉइन, NFT तथा विकेंद्रीकृत वित्त यानी DeFi जैसे विषय शामिल थे। उद्देश्य यह तय करना था कि किन क्रिप्टो गतिविधियों को वित्तीय सेवा नियमन में लाया जाए।
स्पष्ट और समयोचित नियामक ढांचा
ग्रिफ़िथ ने तेज़ी से विकसित और जटिल हो रहे क्रिप्टो बाज़ार को एक नया क्षेत्र बताया, जिसमें जोखिम और अवसर दोनों हैं। सरकार का लक्ष्य नवाचार को पूरी तरह रोकना नहीं, उससे जुड़े जोखिमों का प्रबंधन करना था।
उन्होंने FTX के पतन के व्यापक प्रभाव को स्पष्ट, प्रभावी और समयोचित नियमों की आवश्यकता से जोड़ा। लक्ष्य ब्रिटेन में क्रिप्टो सेवा प्रदाताओं के विकास और निवेशकों के भरोसे के लिए उचित परिस्थितियाँ बनाना था।
तब विचाराधीन Financial Services and Markets Bill स्टेबलकॉइन और अन्य क्रिप्टो परिसंपत्तियों के नियमन का विधायी आधार बनाने वाला था। सरकार वितरित बहीखाता प्रौद्योगिकी यानी DLT के वित्तीय बाज़ार ढाँचे और सरकारी ऋण प्रबंधन में संभावित उपयोग भी देख रही थी।
ग्रिफ़िथ के अनुसार, यह दस्तावेज़ व्यापक नियामक ढाँचे की दिशा में अगला कदम था। प्रस्तावों में केंद्रीकृत क्रिप्टो ट्रेडिंग मंचों, अभिरक्षा सेवाओं और ऋण देने जैसी गतिविधियों को शामिल करने की बात थी।
एक चरणबद्ध दृष्टिकोण
फ़रवरी 2023 में मंत्रालय ने ऐसा ढाँचा प्रस्तावित किया जो वृद्धि, नवाचार और प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करे, उपभोक्ताओं को बेहतर जानकारी से निर्णय लेने दे तथा वित्तीय स्थिरता और बाज़ार की विश्वसनीयता की रक्षा करे।
प्रस्ताव गतिविधि-आधारित दृष्टिकोण पर था: समान जोखिम के लिए समान नियामक परिणाम। कुछ मामलों में पूरी वित्तीय प्रणाली को प्रभावित करने वाला जोखिम अतिरिक्त आवश्यकताओं का कारण बन सकता था।
सरकार अनुपातहीन या अत्यधिक बोझ से बचना चाहती थी, साथ ही बदलते बाज़ारों और उत्पादों के लिए पर्याप्त लचीलापन रखना चाहती थी।
नियमन को चरणों में आगे बढ़ाने और अधिक जोखिम या अवसर वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की योजना थी।
ब्रिटेन में क्रिप्टो विनिमय और अभिरक्षा वॉलेट सेवाओं पर धनशोधन तथा आतंकवाद के वित्तपोषण की रोकथाम वाला पंजीकरण जनवरी 2020 से लागू था। यह पुरानी व्यवस्था 2023 के प्रस्तावित पहले चरण से अलग थी।
नए दृष्टिकोण का पहला चरण आधिकारिक मुद्राओं से समर्थित स्टेबलकॉइन, विशेष रूप से भुगतान में उनके उपयोग, पर केंद्रित था। विधेयक और उसके तहत बनने वाले नियम आधार प्रदान करने वाले थे।
दूसरे चरण में क्रिप्टो ट्रेडिंग और निवेश सेवाओं जैसी व्यापक गतिविधियों के लिए नियम प्रस्तावित थे। सभी क्रिप्टो गतिविधियों को उसी चरण में शामिल करना आवश्यक नहीं था।
विधायी दृष्टिकोण
दस्तावेज़ में विनिमय, उपयोगिता और प्रतिभूति टोकन, NFT, स्टेबलकॉइन, परिसंपत्ति या वस्तु से जुड़े टोकन, क्रिप्टो-समर्थित और एल्गोरिद्मिक टोकन तथा गवर्नेंस और फ़ैन टोकन का वर्णन था। केवल नाम से नियामक स्थिति तय नहीं होती।
नियमन का प्रश्न गतिविधि और उपयोग पर निर्भर था: निर्गम, भुगतान, विनिमय, निवेश और जोखिम प्रबंधन, ऋण देना और लेना, लीवरेज, परिसंपत्तियों की अभिरक्षा तथा लेनदेन का सत्यापन इसके विषय हो सकते थे। यहाँ validation का अर्थ वैधता का दावा नहीं, नेटवर्क में सत्यापन है।
प्रस्ताव का लक्ष्य धनशोधन नियमों यानी MLR के तहत पंजीकृत गतिविधियों को Financial Services and Markets Act 2000 यानी FSMA के अनुमति ढाँचे में लाना था। मंत्रालय और Financial Conduct Authority (FCA) एक साझा अनुमति प्रक्रिया और रजिस्टर चाहते थे, लेकिन चरणबद्ध क्रियान्वयन में संक्रमण की व्यवस्था आवश्यक होती।
सरकार FSMA ढाँचे का विस्तार करने की योजना बना रही थी। इससे मंत्रालय विस्तृत अधीनस्थ नियम बनाकर गतिविधियों को नियमन में ला सकता था। निर्दिष्ट निवेशों की सूची में क्रिप्टो परिसंपत्तियाँ जोड़ने और अन्य गतिविधियों के लिए Designated Activities Regime यानी DAR इस्तेमाल करने पर विचार था।
नए अनुमति ढाँचे में आने वाली कंपनियों के लिए पारंपरिक वित्तीय फर्मों जैसे वित्तीय अपराध रोकथाम मानक प्रस्तावित थे।
FSMA के अंतर्गत दायित्व केवल MLR पंजीकरण से व्यापक होते। FCA को नई क्रिप्टो गतिविधियों के अनुरूप अपने वित्तीय अपराध संबंधी नियमों को ढालने पर भी विचार करना था।
नियामक परिणाम
सरकार ने मौजूदा वित्तीय बाज़ार नियमों पर आधारित, लेकिन क्रिप्टो की विशेषताओं के अनुसार ढला हुआ ढाँचा प्रस्तावित किया।
निर्गम और सूचना प्रकटीकरण में प्रतिभूति नियमन जैसा दृष्टिकोण विशेष रूप से सार्वजनिक पेशकश और ट्रेडिंग में प्रवेश पर विचाराधीन था। बिना किसी समर्थक परिसंपत्ति वाले क्रिप्टो के तकनीकी सृजन को अपने-आप सीधे नियमन में लाने की योजना नहीं थी।
ब्रिटिश क्रिप्टो मंचों पर ट्रेडिंग में प्रवेश के लिए संशोधित प्रॉस्पेक्टस व्यवस्था के बहुपक्षीय ट्रेडिंग सुविधा यानी MTF मॉडल का उपयोग प्रस्तावित था।
यदि किसी टोकन के अधिकार और विशेषताएँ उसे प्रतिभूति बनाते, तो उसकी सार्वजनिक पेशकश पर प्रस्तावित Public Offers and Admissions to Trading Regime लागू हो सकता था। ICO नाम रखना अपने-आप टोकन को प्रतिभूति नहीं बनाता और न नियमन से छूट देता है।
अन्य सार्वजनिक क्रिप्टो पेशकशों के लिए DAR या समान तंत्र पर विचार था। इसके तहत पेशकश को तब तक प्रतिबंधित किया जा सकता था जब तक वह नियमन के अधीन मंच से न की जाए।
ट्रेडिंग मंचों के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन, उपभोक्ता संरक्षण, परिचालन व्यवधान सहने की क्षमता और डेटा रिपोर्टिंग जैसी आवश्यकताएँ प्रस्तावित थीं। मध्यस्थता और अभिरक्षा सेवाओं पर भी राय माँगी गई थी।
दस्तावेज़ में क्रिप्टो बाज़ार दुरुपयोग रोकने का अलग ढाँचा प्रस्तावित था। इसका संबंध ब्रिटेन में ट्रेडिंग के लिए स्वीकार की गई क्रिप्टो परिसंपत्तियों से होता, भले दुरुपयोग कहीं और हुआ हो। मंचों से दुरुपयोग पहचानने, रोकने और बाधित करने की अपेक्षा की जाती। इसे ऐसा न समझें कि सभी प्रस्तावित उल्लंघन उसी समय नए आपराधिक अपराध बन गए थे।
क्रिप्टो ऋण देने और लेने की गतिविधियों के लिए मौजूदा नियामक आवश्यकताओं को क्रिप्टो की विशेषताओं के अनुसार ढालने की योजना थी।
जानकारी और साक्ष्य का आह्वान
DeFi के लिए सिद्धांत था कि समान गतिविधियों के नियामक उद्देश्य समान होने चाहिए, चाहे तकनीक, ढाँचा या गवर्नेंस का तरीका अलग हो।
मंत्रालय ने तेज़ी से विकसित हो रहे DeFi की विशिष्ट चुनौतियाँ पहचानीं। कोड, DAO या गवर्नेंस टोकन अपने-आप ऐसा व्यक्ति या व्यवसाय नहीं होता जो वित्तीय सेवा प्रदान करता हो।
वास्तव में विकेंद्रीकृत प्रोटोकॉल के कुछ हिस्सों का नियमन व्यावहारिक रूप से कठिन हो सकता है। जोखिम प्रबंधन की ज़िम्मेदारी केंद्रीकृत विनिमय सेवाओं तथा उपभोक्ता इंटरफ़ेस और एग्रीगेटर प्रदान करने वालों पर केंद्रित हो सकती थी।
दस्तावेज़ ने NFT को प्रस्तावित क्रिप्टो वित्तीय प्रचार नियमों के सामान्य दायरे से अलग रखा, क्योंकि वे गैर-वित्तीय उत्पाद भी दर्शा सकते हैं। इसका अर्थ सभी NFT गतिविधियों को हमेशा नियमन से छूट देना नहीं था।
NFT या उपयोगिता टोकन के अधिकार, विशेषताएँ और उपयोग महत्त्वपूर्ण थे। यदि वह पहले से निर्दिष्ट निवेश हो और उससे जुड़ी गतिविधि विनियमित हो, तो मौजूदा वित्तीय सेवा नियम लागू हो सकते थे।
मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को आवश्यक माना ताकि ऐसा ढाँचा न बने जिसे वैश्विक मानक तय होते ही बदलना पड़े।
एक संभावित विकल्प था कि प्रोटोकॉल स्थापित या संचालित करने जैसी DeFi गतिविधियों को अनुमति-आधारित बनाया जाए। FCA इनके लिए विशेष नियम बना सकता था। यह विचाराधीन विकल्प था, हर प्रोटोकॉल पर लागू तैयार अनुमति की अनिवार्यता नहीं।
जानकारी माँगने वाले भाग में पूछा गया कि माइनिंग और सत्यापन को नियमन में लाना चाहिए या नहीं तथा स्टेकिंग को दूसरे चरण में शामिल किया जाए या नहीं।
अंत में सरकार ने ब्रिटेन को टिकाऊ वित्त के लिए प्रतिस्पर्धी केंद्र बनाने का लक्ष्य दोहराया। यहाँ वर्णित प्रस्ताव फ़रवरी 2023 के परामर्श से संबंधित हैं।












