कम्प्यूटिंग
क्वांटम कंप्यूटिंग: नई स्मार्ट एम्प्लीफ़ायर ऊर्जा बचाता है

स्वीडन के चाल्मर्स प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने ऐसा माइक्रोवेव प्रवर्धक बनाया है जो क्यूबिट का रीडआउट पल्स आने पर ही सक्रिय होता है। परीक्षण में उसकी औसत बिजली खपत लगातार चालू रहने वाले तुलनात्मक प्रवर्धक की लगभग दसवाँ हिस्सा थी और प्रतिक्रिया समय 35 नैनोसेकंड था। यह उपलब्धि क्यूबिट पढ़ने वाले इलेक्ट्रॉनिक सर्किट की है; इससे किसी पूरे क्वांटम कंप्यूटर की गति या कुल बिजली खपत में उतना ही बदलाव सिद्ध नहीं होता।
क्यूबिट के संकेत को प्रवर्धक क्यों चाहिए?
साधारण कंप्यूटर का बिट 0 या 1 होता है। क्यूबिट की क्वांटम अवस्था सुपरपोज़िशन में हो सकती है, लेकिन मापने पर एक पारंपरिक परिणाम मिलता है। क्यूबिट के रीडआउट का माइक्रोवेव संकेत बहुत कमजोर होता है; इसलिए कम शोर पैदा करते हुए उसे बढ़ाना पड़ता है। सुपरपोज़िशन का अर्थ यह नहीं कि एक माप में “सभी मान एक साथ” मिल जाते हैं। क्वांटम कंप्यूटर हर काम में सामान्य कंप्यूटर से तेज़ भी नहीं होते।
शीतलन प्रणाली पर भार
कई क्वांटम प्रोसेसर अत्यंत कम तापमान पर चलते हैं। लगातार चालू प्रवर्धक शीतलन प्रणाली में गर्मी जोड़ते हैं, और अधिक रीडआउट चैनल लगाने से यह भार बढ़ सकता है। शोधकर्ताओं ने जाँचा कि क्या प्रवर्धक को केवल छोटे रीडआउट पल्स के दौरान चालू किया जा सकता है।
पल्स पर चलने वाले HEMT प्रवर्धक का अध्ययन
Pulsed HEMT LNA Operation for Qubit Readout अध्ययन में कम शोर वाला ट्रांज़िस्टर प्रवर्धक क्रायोजेनिक परिस्थितियों में परखा गया। एक अनुकूलित नियंत्रण वोल्टेज तरंग प्रवर्धक को रीडआउट पल्स से पहले आवश्यक अवस्था तक जल्दी पहुँचाती है। टीम ने उसे चालू करने के बाद प्रवर्धन और शोर के स्थिर होने का समय मापा।
स्रोत: चाल्मर्स प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालयमाप और परिणाम
शोधकर्ताओं ने समय के साथ शोर, प्रवर्धन और विद्युत धारा में बदलाव जाँचे। चाल्मर्स के अनुसार प्रतिक्रिया 35 नैनोसेकंड में हुई और पल्स आधारित संचालन में, उसी तुलना के लगातार संचालन के मुकाबले, बिजली लगभग दसवाँ हिस्सा लगी। यह तुलना इस घटक और प्रयोग की परिस्थितियों के लिए है। इसका अर्थ पूरे क्वांटम कंप्यूटर की बिजली खपत में 90% कमी या सभी तरह के क्यूबिट की पढ़ाई में स्वतः अधिक शुद्धता नहीं है।
रीडआउट इलेक्ट्रॉनिक्स से कम गर्मी निकलना अधिक चैनल वाले भविष्य के डिज़ाइन में मदद कर सकता है। अन्य आर्किटेक्चर में एकीकरण, लंबे समय की विश्वसनीयता और पूरे सिस्टम का प्रदर्शन अभी जाँचना होगा।
संभावित उपयोग और सीमाएँ
रसायन, अनुकूलन और क्रिप्टोग्राफी में क्वांटम गणना की संभावनाओं पर शोध होता है। यह एक प्रवर्धक अध्ययन यह साबित नहीं करता कि आज की क्वांटम मशीनें दवा परीक्षणों को बदल सकती हैं, हर एन्क्रिप्शन को तोड़ सकती हैं या बड़े लॉजिस्टिक काम सेकंडों में कर सकती हैं। व्यापक व्यावसायिक उपयोग की निश्चित तारीख भी अध्ययन में नहीं दी गई है।
शोधकर्ता और सहायता
अध्ययन के लेखकों में Yin Zeng, Jörgen Stenarson, Peter Sobis और Jan Grahn शामिल हैं। परियोजना को Vinnova Smarter Electronic Systems कार्यक्रम और चाल्मर्स के WiTECH केंद्र से सहायता मिली।
एनविडिया और क्वांटम कंप्यूटिंग
एनविडिया (NVDA ) उन्नत पारंपरिक कंप्यूटिंग और ऐसे सॉफ़्टवेयर पर काम करती है जिन्हें क्वांटम प्रोसेसर के नियंत्रण से जोड़ा जा सकता है। उसकी DGX Quantum संरचना Quantum Machines के साथ विकसित की गई थी। एनविडिया ने इस अध्ययन का प्रवर्धक नहीं बनाया और यह शोध उसके शेयर के भविष्य के लाभ का अनुमान नहीं है।
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निष्कर्ष
पल्स आधारित प्रवर्धक क्यूबिट रीडआउट सर्किट की बिजली खपत घटाने का एक प्रयोगात्मक तरीका दिखाता है। बड़े क्वांटम सिस्टम में उसका महत्व आगे के एकीकरण परीक्षण से तय होगा। कंप्यूटिंग प्रौद्योगिकी के बारे में और पढ़ें।
संदर्भित अध्ययन
Zeng, Y., Stenarson, J., Sobis, P. और Grahn, J. (2025). Pulsed HEMT LNA operation for qubit readout. IEEE Transactions on Microwave Theory and Techniques. doi:10.1109/TMTT.2025.3556982.












