ऊर्जा
लेज़रों में क्रांति: ट्यूनेबल सेमीकंडक्टर रिंग तकनीक

टीयू वीन और हार्वर्ड के शोधकर्ताओं ने चिप पर बनाया जा सकने वाला एक नया समायोज्य अर्धचालक रिंग लेज़र प्रदर्शित किया है। 2025 में Optica में प्रकाशित अध्ययन क्वांटम-कैस्केड लेज़रों (QCL) की ऐसी रिंग शृंखला दिखाता है जो व्यापक आवृत्ति दायरे में अचानक मोड बदलाव के बिना प्रकाश समायोजित कर सकती है। यह प्रयोगशाला का प्रोटोटाइप है, बाजार में उपलब्ध उत्पाद नहीं।
समायोज्य लेज़र की जरूरत क्यों होती है?
लेज़र का तरंगदैर्ध्य तय करता है कि वह किन पदार्थों को माप सकता है और किस प्रणाली के साथ काम कर सकता है। स्पेक्ट्रोस्कोपी में पदार्थों को उनके प्रकाश अवशोषण से पहचाना जाता है; ऑप्टिकल संचार में भी समायोज्य स्रोत उपयोगी हैं। विस्तृत समायोजन, स्थिर एकल-मोड उत्सर्जन और छोटे आकार को एक साथ पाना कठिन रहा है। पारंपरिक डिज़ाइनों में ग्रेटिंग, बाहरी कैविटी या अलग-अलग लेज़रों का प्रयोग किया जाता है।
रिंग शृंखला कैसे काम करती है?
शोधकर्ताओं ने बिजली से स्वतंत्र रूप से नियंत्रित होने वाली पाँच QCL रिंग बनाईं। उनकी त्रिज्याएँ 220 से 260 माइक्रोमीटर के बीच थीं। अलग आकार की रिंग अलग आवृत्तियों पर प्रकाश देती हैं। सभी एक साझा ऑप्टिकल वेवगाइड से जुड़ी हैं, जो प्रकाश को चिप से बाहर ले जाता है। रिंग में मुख्यतः एक दिशा में लेज़र क्रिया होने से तेज़ ऑप्टिकल प्रतिक्रिया की स्थिति में भी स्थिरता बनी रहने में मदद मिली।
तीन रिंगों को मिलाकर अध्ययन में कुल 33 cm⁻¹ का आवृत्ति दायरा मिला। प्रत्येक रिंग में बिना मोड-हॉप के लगातार समायोजन हुआ; अलग रिंगों का उपयोग कुल स्पेक्ट्रल दायरा बढ़ाता है। रिपोर्ट किए गए 266–395 GHz के मान अलग-अलग रिंगों की जाँच से जुड़े हैं, एक ही रिंग के एक निरंतर स्वीप से नहीं।
प्रयोग में क्या मापा गया?
एक रिंग ने कमरे के तापमान पर निरंतर संचालन में लगभग 0.5 मिलीवाट तक प्रकाश शक्ति दी। प्रोटोटाइप ने मजबूत ऑप्टिकल फीडबैक के बीच भी स्थिर उत्सर्जन दिखाया। ये निश्चित उपकरण के प्रयोगशाला परिणाम हैं। इनसे बड़े पैमाने पर उत्पादन की लागत या हर भविष्य के उपकरण का प्रदर्शन सिद्ध नहीं होता।
संभावनाएँ और सीमाएँ
छोटा, व्यापक दायरे में समायोज्य मध्य-अवरक्त प्रकाश स्रोत गैस और अन्य पदार्थों की स्पेक्ट्रोस्कोपिक पहचान में मदद कर सकता है। इस अध्ययन में कोई तैयार चिकित्सकीय उपचार, सुरक्षा स्कैनर या दूरसंचार उत्पाद नहीं परखा गया। अधिक रिंगों के नियंत्रण, अलग परिस्थितियों में विश्वसनीयता और बड़े पैमाने पर निर्माण के लिए आगे जाँच जरूरी है। शोधपत्र कोई निश्चित व्यावसायिक समय-सीमा नहीं देता।
निष्कर्ष
टीयू वीन–हार्वर्ड प्रोटोटाइप स्वतंत्र रूप से नियंत्रित QCL रिंगों को साझा वेवगाइड से जोड़कर चिप के छोटे आकार में व्यापक और स्थिर समायोजन दिखाता है। व्यावहारिक उपकरणों की शक्ति, टिकाऊपन और लागत पर अभी और प्रमाण चाहिए।












