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Kraken मामले में SEC की कार्रवाई की आयुक्त पियर्स ने आलोचना की, गेन्सलर ने तकनीकी तटस्थता पर ज़ोर दिया

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9 फ़रवरी 2023 को डिजिटल परिसंपत्तियों के बाज़ार में गिरावट आई। निवेशकों की चिंता बढ़ाने वाली खबरों में Kraken का 3 करोड़ डॉलर का समझौता भी शामिल था। अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) ने कंपनी पर अपने स्टेकिंग सेवा कार्यक्रम की पेशकश और बिक्री आवश्यक प्रतिभूति पंजीकरण के बिना करने का आरोप लगाया था। समझौते की राशि में अर्जित लाभ की वापसी, ब्याज और दीवानी जुर्माने शामिल थे। Kraken ने अमेरिकी ग्राहकों के लिए यह सेवा बंद करने पर सहमति दी।

इस फैसले की क्रिप्टो उद्योग में आलोचना हुई। आलोचकों ने इसे निवेशक संरक्षण के नाम पर डिजिटल परिसंपत्तियों के विकास को सीमित करने का एक और उदाहरण बताया।

SEC की एक सदस्य ने भी असहमति वक्तव्य जारी किया— आयुक्त हेस्टर एम. पियर्स ने।

पियर्स ने कहा कि वह फैसले से सहमत नहीं हैं और इस नियामकीय दृष्टिकोण को अभिभावक की तरह निर्णय थोपने वाला तथा आलसी बताया।

“अभिभावक की तरह निर्णय थोपने वाला और आलसी नियामक इस समझौते जैसा समाधान चुनता है: निवेशकों को उपयोगी जानकारी देने वाली व्यावहारिक पंजीकरण व्यवस्था विकसित करने के लिए सार्वजनिक प्रक्रिया शुरू करने के बजाय सेवा ही बंद कर देता है।” — आयुक्त पियर्स

यह पहली बार नहीं था जब पियर्स ने SEC की डिजिटल परिसंपत्तियों से संबंधित कार्रवाई पर असहमति व्यक्त की थी।

आगे बढ़ने का अनिश्चित रास्ता

उद्योग के कई प्रतिभागियों को लगता था कि वे ऐसी दुविधा में हैं जहाँ कदम उठाना और इंतज़ार करना, दोनों मुश्किल पैदा कर सकते हैं।

कंपनियाँ वर्षों से अधिक स्पष्ट नियम माँग रही थीं। उनका कहना था कि उत्पादों और सेवाओं के पंजीकरण की कोशिशें लगातार अनिश्चितता में अटक जाती हैं, जबकि नियम स्पष्ट होने की प्रतीक्षा करने वालों को भी प्रवर्तन कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

“Kraken ऐसी सेवा चलाता था जिसके ज़रिए ग्राहक अपने टोकन स्टेकिंग के लिए दे सकते थे। ग्राहकों को प्रतिफल मिलता था और कंपनी शुल्क कमाती थी। आयोग का तर्क है कि इस स्टेकिंग कार्यक्रम को प्रतिभूति पेशकश के रूप में SEC में पंजीकृत होना चाहिए था। इस विश्लेषण से सहमत हों या नहीं, अधिक बुनियादी सवाल यह है कि क्या SEC में पंजीकरण संभव होता।” — आयुक्त पियर्स

उन्होंने आगे कहा: “मौजूदा माहौल में क्रिप्टो से संबंधित पेशकशें SEC की पंजीकरण प्रक्रिया से सफलतापूर्वक नहीं गुज़र पा रही हैं।”

पियर्स के अनुसार ऐसी स्टेकिंग सेवा के पंजीकरण से कई जटिल सवाल उठते हैं। क्या पूरे कार्यक्रम का एक साथ पंजीकरण हो, या हर टोकन के स्टेकिंग कार्यक्रम का अलग-अलग? निवेशकों के लिए कौन-सी जानकारी महत्त्वपूर्ण होगी और Kraken के लेखांकन पर क्या असर पड़ेगा?

नियामक के दृष्टिकोण पर सवाल

SEC अध्यक्ष गैरी गेन्सलर ने 10 फ़रवरी को CNBC के साक्षात्कार में इस मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने ज़ोर दिया कि उनके अनुसार Kraken का मामला अपंजीकृत प्रतिभूति पेशकश से जुड़ा था। समझौते का मतलब सभी स्टेकिंग सेवाओं पर सामान्य प्रतिबंध नहीं था।

“[…] यदि वे स्टेकिंग की पेशकश करना चाहते हैं, तो हम तटस्थ हैं। आएँ और पंजीकरण कराएँ, क्योंकि निवेशकों को यह जानकारी चाहिए।”

आलोचकों को चिंता थी कि सेवा प्रदाताओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई अमेरिकी ग्राहकों को विदेशी प्लेटफ़ॉर्म की ओर धकेल सकती है। SEC अपने कदमों का आधार निवेशक संरक्षण को बताता था, लेकिन विरोधियों का मानना था कि विदेश जाने से ग्राहकों के लिए उपलब्ध कानूनी उपाय कमज़ोर पड़ सकते हैं।

निवेशक संरक्षण के हकदार हैं। वे पर्याप्त जानकारी और इस भरोसे के भी हकदार हैं कि उनकी परिसंपत्तियों का दुरुपयोग नहीं होगा। उद्योग की आलोचना एक सवाल पर केंद्रित थी: अगर पंजीकरण की कोशिश करने वाली कंपनियाँ केवल गतिरोध का सामना करें, तो वे आगे कैसे बढ़ें?

अमेरिका की बड़ी सूचीबद्ध कंपनी Coinbase भी स्पष्ट नियमों और पंजीकरण के व्यावहारिक रास्ते की माँग करते हुए तत्कालीन व्यवस्था की आलोचना कर रही थी।

स्रोत: Twitter @brian_armstrong

पूरे उद्योग को चेतावनी

गेन्सलर ने अन्य प्लेटफ़ॉर्म से भी Kraken के मामले से सीख लेने को कहा। उनके अनुसार उत्पाद को स्टेकिंग, अर्न या यील्ड कहने से उसकी कानूनी प्रकृति तय नहीं होती; प्रतिभूति कानून के दायरे में आने वाली पेशकशों का पंजीकरण आवश्यक है।
इसलिए ध्यान इस बात पर था कि Coinbase और अन्य प्लेटफ़ॉर्म क्या कदम उठाएँगे—क्या वे पंजीकरण का समाधान खोजेंगे या दंड से बचने के लिए कुछ सेवाएँ बंद करेंगे?

संभावित अप्रत्यक्ष प्रभाव

इन कार्रवाइयों का बिटकॉइन पर संभावित असर भी देखने लायक सवाल था।

स्टेकिंग पर आधारित सहमति प्रणालियों ने हाल के वर्षों में काफ़ी ध्यान आकर्षित किया था। कुछ सीनेटरों सहित इनके समर्थक कम ऊर्जा खपत पर ज़ोर देते थे। कई क्रिप्टो नेटवर्क पहले ही प्रूफ़-ऑफ़-स्टेक (PoS) का उपयोग कर रहे थे।

Kraken जैसे मध्यस्थों की प्रतिफल सेवाएँ स्टेकिंग में भाग लेने का एक तरीका थीं। निवेशक निष्क्रिय आय देने वाले विकल्प भी खोज रहे थे और इसी दौरान कुल क्रिप्टो बाज़ार मूल्य में बिटकॉइन की हिस्सेदारी बदलती रही थी।

क्या ऐसी सेवाओं के बंद होने से बिटकॉइन की बाज़ार हिस्सेदारी बढ़ सकती है? क्या निवेशक उस बिटकॉइन की ओर मुड़ेंगे जिसे SEC का नेतृत्व प्रतिभूति के बजाय कमोडिटी मानता रहा था, और क्या इससे उसका मूल्य बढ़ सकता है?

जोशुआ स्टोनर एक बहुमुखी कार्य पेशेवर हैं। उनकी रुचि क्रांतिकारी 'blockchain' प्रौद्योगिकी में बहुत है।