पदार्थ विज्ञान
सांस लेने वाले क्रिस्टल: स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स में परिवर्तन

पुसान राष्ट्रीय विश्वविद्यालय और सहयोगी संस्थानों के शोधकर्ताओं ने दिखाया है कि स्ट्रॉन्शियम, लोहा और कोबाल्ट वाला एक पतला ऑक्साइड फिल्म आसपास की गैस के अनुसार अपना क्रिस्टलीय रूप बदल सकता है। अगस्त 2025 में Nature Communications में प्रकाशित अध्ययन इस प्रतिवर्ती ऑक्सीकरण और अपचयन को रूपक के तौर पर पदार्थ का «साँस लेना» कहता है। यह किसी तैयार ऊर्जा-उत्पादन उपकरण या भवन की «साँस लेती» खिड़की का प्रदर्शन नहीं है।
पतली फिल्म में क्या बदलता है?
आरंभिक पदार्थ एपिटैक्सियल SrFe₀․₅Co₀․₅O₂․₅ फिल्म था। अपचायक गैस के संपर्क में आने पर उसकी संरचना से ऑक्सीजन निकली और कोबाल्ट आयनों की औसत ऑक्सीकरण अवस्था बदली। माप के अनुसार लोहे की अवस्था लगभग स्थिर रही। ऑक्सीजन रिक्तियाँ कुछ विशिष्ट स्थानों पर बनीं और लोहे की उपस्थिति ने संरचना को टिकाए रखने में योगदान दिया। इस तरह प्रयोगशाला की स्थितियों में एक नया ऑक्सीजन-कमी वाला रूप बना, जबकि फिल्म में प्रमुख संरचनात्मक विघटन नहीं दिखा।

स्रोत: Nature Communications
शोधकर्ताओं ने परिवर्तन कैसे मापा?
एक्स-रे अवशोषण मापन में कोबाल्ट के L-किनारे में 1.65 इलेक्ट्रॉन-वोल्ट का बदलाव हुआ। गणना से उसकी औसत ऑक्सीकरण अवस्था लगभग Co²․⁹¹⁺ से Co²⁺ हुई। फिल्म का प्रकाशीय बैंड गैप 2.47 से बढ़कर 3.04 इलेक्ट्रॉन-वोल्ट हुआ और पारदर्शिता में सुधार आया। विवर्तन और विद्युत मापों ने तीन अलग अवस्थाएँ दिखाईं: अपचयित दोषपूर्ण पेरोव्स्काइट, ब्राउनमिलेराइट और ऑक्सीजन-समृद्ध पेरोव्स्काइट।
शोधकर्ताओं ने लगभग 400 डिग्री सेल्सियस पर 3% हाइड्रोजन और आर्गन के मिश्रण, नाइट्रोजन तथा ऑक्सीजन के बीच वातावरण बदला। दोहराए गए चक्रों में फिल्म अपनी अवस्थाओं के बीच लौट सकी और संरचना के ढहने का संकेत नहीं मिला। यह कमरे के तापमान पर अपने आप होने वाला परिवर्तन नहीं है। मूल अंग्रेजी लेख में «हल्की परिस्थितियों» और बिना ऊर्जा खर्च किए भवन का तापमान नियंत्रित करने की संभावना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया था।
संभावित उपयोग और सीमाएँ
बदलने योग्य प्रकाशीय और विद्युत गुण भविष्य के इलेक्ट्रॉनिक या ऊर्जा-संबंधी पदार्थों के लिए उपयोगी हो सकते हैं। किसी वास्तविक उपकरण के लिए नियंत्रण प्रणाली, बार-बार उपयोग में टिकाऊपन और आवश्यक गर्मी तथा गैस की ऊर्जा लागत का परीक्षण करना होगा। इस अध्ययन ने स्मार्ट खिड़की, ईंधन सेल, उपग्रह का पुर्जा या बाजार में उपलब्ध उत्पाद नहीं बनाया। सात से दस वर्ष में व्यावसायिक उपयोग की कोई प्रमाणित समयसीमा भी नहीं दी गई।
अलग कंपनी का उदाहरण
जिन्कोसोलर सौर ऊर्जा उत्पाद बनाती है। उसने इस ऑक्साइड फिल्म के अध्ययन में भाग नहीं लिया, और प्रयोगशाला के निष्कर्षों से उसके शेयर के प्रदर्शन का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
(JKS )
JKS मूल्य चार्ट
जिन्कोसोलर की ताज़ा खबरें
अध्ययन: Lee, J. और सहलेखक (2025), “Selective reduction in epitaxial SrFe₀․₅Co₀․₅O₂․₅ and its reversibility”, Nature Communications 16, 7391। doi:10.1038/s41467-025-62612-1।












