विचार नेता
बैंकिंग की अस्थायी परेशानी या कोई अधिक गंभीर समस्या?

2008 के वित्तीय संकट के बाद हुए नियामक सुधारों का उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली को अधिक मजबूत बनाना था। यह विश्लेषण 2023 के शुरुआती महीनों में सामने आए बैंकिंग संकटों पर आधारित है।
सुधारों ने स्थिरता बढ़ाने में मदद की, लेकिन Silicon Valley Bank (SVB) का बंद होना और UBS द्वारा Credit Suisse का आपातकालीन अधिग्रहण दिखाते थे कि प्रणाली में कमजोरियाँ बनी हुई थीं। Credit Suisse को बचाने के लिए किया गया अधिग्रहण, SVB की तरह बैंक विफल होने की प्रक्रिया से अलग था।
बाज़ार की चिंता यूरोपीय बैंक शेयर सूचकांकों की गिरावट, क्रेडिट डिफ़ॉल्ट स्वैप (CDS) के जरिए ऋण जोखिम से सुरक्षा की बढ़ती लागत और Barclays, Deutsche Bank तथा Société Générale के शेयरों में भारी गिरावट में दिखाई दी।
(DB )First Republic अगली चेतावनी बना। लेख में उसके शेयरों की एक दिन में लगभग 40 प्रतिशत गिरावट और बैंक को बचाने के तात्कालिक प्रयासों का उल्लेख है। 1 मई 2023 को नियामकों ने बैंक बंद कर दिया; इसके बाद JPMorgan Chase ने FDIC से सभी जमा और अधिकांश परिसंपत्तियाँ अपने पास ले लीं। इन घटनाओं ने बैंकिंग क्षेत्र की समस्याओं को और स्पष्ट किया।
अस्थायी परेशानी या कोई अधिक गंभीर समस्या?
क्या ये बैंकिंग प्रणाली में केवल अस्थायी परेशानियाँ थीं या किसी गहरी समस्या के संकेत?
ऊपरी तौर पर हाल के समय में बैंकों का प्रदर्शन बेहतर हुआ था। यह सकारात्मक था, लेकिन विश्लेषण के अनुसार कई बैंक अब भी अपनी इक्विटी पूँजी पर पर्याप्त प्रतिफल (ROE) नहीं कमा रहे थे।
लेख में 2022 के लिए इक्विटी पर अनुमानित प्रतिफल 6–7 प्रतिशत की तुलना पूँजी की अनुमानित लागत 9–11 प्रतिशत से की गई है। यह लेखक की तुलना है, सभी यूरोपीय बैंकों पर समान रूप से लागू आधिकारिक आँकड़ा नहीं: परिणाम बैंक समूह, अवधि और गणना पद्धति पर निर्भर करते हैं।
लंबे समय की कमजोर लाभप्रदता ने यह धारणा मजबूत की थी कि कम ब्याज दरें और धीमी आर्थिक वृद्धि जारी रहने पर बैंक टिकाऊ मुनाफा नहीं कमा सकेंगे। यह उस परिस्थिति से जुड़ी धारणा थी, जबकि 2022 और 2023 में वास्तव में ब्याज दरें बढ़ रही थीं।
लेकिन क्या प्रचलित धारणा सही है?
इस धारणा को दो ऐसे बैंकों के जरिए परखा जा सकता है जिन्होंने प्रतिस्पर्धियों से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया: ऑस्ट्रिया का Bawag और जर्मनी का OLB। दोनों ऐसे अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बाज़ारों में काम करते हैं जहाँ लाभप्रदता परंपरागत रूप से कम रही है।
2022 में Bawag और OLB के लागत-आय अनुपात क्रमशः 35.9 और 42.3 प्रतिशत थे। ये बैंकों द्वारा बताए गए माप हैं; कम अनुपात का अर्थ है आय का छोटा हिस्सा खर्च में जाना। लेख ने पूरे वर्ष के इन आँकड़ों की तुलना पहली छमाही के यूरोपीय औसत 59.7 प्रतिशत से की है, इसलिए अवधि और परिभाषाओं के अंतर ध्यान में रखने चाहिए। बेहतर प्रदर्शन करने वाले ये बैंक अलग क्या कर रहे थे?
सफलता की विधि
विश्लेषण में प्रमुख कारण मजबूत प्रबंधन और रोज़मर्रा के कामकाज का कुशल संचालन बताया गया है: ये बैंक बैंकिंग की बुनियादी जिम्मेदारियाँ अच्छी तरह निभाते हैं। इसके विपरीत, SVB की विफलता में ब्याज दर जोखिम का कमजोर प्रबंधन महत्वपूर्ण कारण था, साथ ही तरलता और संचालन व्यवस्था से जुड़ी कमियाँ भी थीं।
ये बैंक सभी को सब कुछ देने की कोशिश के बजाय अपनी ताकतों पर ध्यान देते हैं। कई अलग जोखिम और प्रतिफल वाले कारोबार चलाने वाले सार्वभौमिक बैंक को तब कठिनाई हो सकती है जब लाभकारी मुख्य उत्पादों और सेवाओं की कमाई से घाटे वाले उत्पादों को सहारा दिया जाए। ऐसा ढाँचा अधिक महंगा और जटिल बनता जाता है।
इस तरह की व्यवस्था ग्राहकों के लिए ऐसा विशिष्ट मूल्य तैयार करना भी कठिन बनाती है जो बैंक को प्रतिस्पर्धियों से अलग करे।
विश्लेषण का सबक है कि पहले मुख्य विशेषज्ञता पहचानें—जैसे निवेश बैंकिंग, संपन्न ग्राहकों के लिए निजी बैंकिंग या कारोबारी ग्राहकों की बैंकिंग—और फिर सही ग्राहक समूह को ये सेवाएँ देने पर संसाधन केंद्रित करें। अवसर देखकर शुरू किए गए और आर्थिक रूप से पर्याप्त आकार तक न पहुँचे कारोबारों को हटाने पर विचार करना चाहिए, यदि वे लगातार परिणाम कमजोर करते हैं। इससे लंबे समय का टिकाऊ प्रतिस्पर्धात्मक लाभ देने वाले उत्पादों और सेवाओं पर ध्यान दिया जा सकता है।
इसके लिए केवल छोटी, ऊपरी कटौतियों से अधिक की आवश्यकता पड़ सकती है।
बुनियादी बदलाव की जरूरत
आवश्यक कदम जानने से लाभ नहीं, यदि उन पर अमल न हो। लेखक के अनुसार बहुत कम बैंक मजबूती और लाभप्रदता बढ़ाने वाले बदलाव समय रहते कर रहे थे। तेज़ और व्यापक बदलाव की लागत, जटिलता और जोखिम का हवाला देकर मौजूदा स्थिति बनाए रखना आसान था, जबकि ऐसे सुधार जरूरी हो सकते थे।
लेखक ने बदलाव को विशेष रूप से जरूरी माना यदि केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति घटाने के लिए ब्याज दरें बढ़ाना जारी रखते। ऐसी स्थिति में परिसंपत्ति कीमतों के और बुलबुले फूट सकते थे तथा अधिक बैंक कमजोर पड़ सकते थे। इससे SVB की विफलता, Credit Suisse के आपातकालीन अधिग्रहण और First Republic के बंद होने से पहले ही प्रभावित भरोसा और घटता। यह 2023 का जोखिम आकलन था, निश्चित भविष्यवाणी नहीं।
बैंक परिवारों और कंपनियों के वित्तपोषण का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। इसलिए विश्लेषण के अनुसार उन्हें अपना कामकाज दुरुस्त करना चाहिए था, ताकि वास्तविक अर्थव्यवस्था की मदद और शेयरधारकों के लिए आर्थिक मूल्य बढ़ाने पर ध्यान दे सकें, बजाय अपनी ओर से ट्रेडिंग में पूँजी लगाने को प्राथमिकता देने के। लेखक का मानना था कि इस सबक पर अभी पूरी तरह अमल नहीं हुआ था।













