योगात्मक विनिर्माण
नया टाइटेनियम मिश्रधातु 3डी प्रिंटिंग को अधिक मजबूत और सस्ता बनाता है

RMIT विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने जाँचा है कि मिश्रधातु की रासायनिक बनावट 3D प्रिंट किए गए टाइटेनियम की दानेदार संरचना को कैसे प्रभावित करती है। Nature Communications में प्रकाशित अध्ययन यह अनुमान लगाने का तरीका बताता है कि छपाई के दौरान लंबे स्तंभ जैसे दाने बनेंगे या अधिक समान, लगभग सभी दिशाओं में बराबर आकार वाले दाने। यह मिश्रधातु डिज़ाइन पर शोध है, कोई प्रमाणित विमान पुर्जा या चिकित्सा प्रत्यारोपण नहीं।
दाने की बनावट का महत्त्व
टाइटेनियम मिश्रधातुएँ मजबूत और हल्की होती हैं। लेज़र आधारित धातु प्रिंटिंग में पिघली सामग्री तेज़ी से ठंडी होती है। इससे प्रिंट की दिशा में लंबे दाने विकसित हो सकते हैं और धातु की यांत्रिक विशेषताएँ अलग-अलग दिशाओं में बदल सकती हैं। अधिक समान दाने इस असमानता को कम कर सकते हैं। केवल दानों की आकृति से किसी तैयार पुर्जे की थकान-सहन क्षमता, दीर्घकालीन सुरक्षा या शरीर में लगाने की उपयुक्तता साबित नहीं होती।

स्रोत: RMIT University
तीन मापदंडों की तुलना
टीम ने बनावट से निकाले गए तीन मापदंडों की तुलना की: असंतुलित अवस्था में जमने की ताप-सीमा, वृद्धि-प्रतिबंध कारक और संघटनजन्य अति-शीतलन का मापदंड P। उन्होंने लेज़र आधारित निर्देशित ऊर्जा निक्षेपण से टाइटेनियम–लोहा, टाइटेनियम–ताँबा, टाइटेनियम–ताँबा–लोहा और टाइटेनियम–मॉलिब्डेनम मिश्रधातुएँ तैयार कीं। इन परीक्षणों में P ने दानों की आकृति का अनुमान अन्य दो मापदंडों से बेहतर लगाया। शोधकर्ताओं ने पहले प्रकाशित कुछ अन्य मिश्रधातुओं और निर्माण विधियों के परिणामों से भी तुलना की।
यह ढाँचा इंजीनियरों को मिश्रधातु के तत्व चुनने में मदद कर सकता है, लेकिन हर मशीन और हर वस्तु में एक जैसा परिणाम सुनिश्चित नहीं करता। धातु पाउडर की गुणवत्ता, लेज़र सेटिंग, बाद का ताप उपचार और वस्तु का आकार भी महत्त्वपूर्ण हैं।
29% कम लागत का दावा कहाँ से आया?
जुलाई 2025 के RMIT प्रेस वक्तव्य में एक अलग, पेटेंट आवेदन से जुड़ी मिश्रधातु का वर्णन है, जिसमें महँगे वैनेडियम की जगह सस्ते तत्व रखे गए। विश्वविद्यालय के अनुसार, इसकी उत्पादन लागत तुलना के लिए चुनी गई सामान्य 3D प्रिंटेड Ti-6Al-4V मिश्रधातु से लगभग 29% कम है और प्रदर्शन बेहतर है। लेकिन इसकी सटीक बनावट और लागत का हिसाब Nature Communications के शोधपत्र में प्रकाशित नहीं है। इसलिए 29% को पूरे टाइटेनियम उद्योग के लिए सिद्ध लागत बचत नहीं मानना चाहिए।
संभावित उपयोग और शेष परीक्षण
विमान, वाहन और चिकित्सा उपकरणों में नियंत्रित दानेदार संरचना उपयोगी हो सकती है। वास्तविक उपयोग से पहले प्रत्येक पुर्जे की शक्ति, धातु थकान, संक्षारण और ज़रूरत पड़ने पर जैव-अनुकूलता जाँची जानी चाहिए। नियामक अनुमति भी आवश्यक हो सकती है। RMIT विकास साझेदार खोज रहा है; पाँच से दस वर्ष में बाज़ार में आने की कोई निश्चित समयसीमा नहीं दी गई है।
क्षेत्र की अलग कंपनी
Nano Dimension इलेक्ट्रॉनिक संरचनाओं सहित 3D प्रिंटिंग की अन्य तकनीकों पर काम करती है। वह RMIT के इस प्रयोग में शामिल नहीं थी और अध्ययन से उसके शेयर के भाव का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
(NNDM )
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अध्ययन
Brooke, R. एवं अन्य (2025), “Compositional criteria to predict columnar to equiaxed transitions in metal additive manufacturing”, Nature Communications 16, 5710. doi:10.1038/s41467-025-60162-0।












