रोबोटिक्स
3D प्रिंटेड स्टैम्प सॉफ्ट रोबोटिक्स के लिए सिंथेटिक मसल्स को सक्षम बनाता है

मांसपेशियों की दिशा क्यों महत्वपूर्ण है?
मानव शरीर की मांसपेशियाँ केवल एक सीधी रेखा में खिंचाव नहीं पैदा करतीं। उनकी कोशिकाओं और रेशों की अलग-अलग दिशाओं में व्यवस्था से जटिल गति संभव होती है। प्रयोगशाला में उगाई गई पेशी को मुलायम रोबोट के एक्ट्यूएटर के रूप में इस्तेमाल करने के लिए शोधकर्ताओं को कोशिकाओं की दिशा नियंत्रित करनी पड़ती है। इससे ऊतक अनुसंधान और बायोहाइब्रिड रोबोटिक्स दोनों में मदद मिल सकती है, लेकिन प्रयोगशाला का ऊतक किसी मरीज की पेशी का स्वीकृत विकल्प नहीं है।
पुरानी विधियों की सीमा
कई जैविक एक्ट्यूएटर में पेशी ऊतक दो बिंदुओं के बीच उगाया जाता है, जिससे रेशे मुख्यतः एक ही दिशा में संरेखित होते हैं। अधिक जटिल आकृतियों के लिए हाइड्रोजेल की सतह पर सूक्ष्म पैटर्न बनाना पड़ता है। पहले की विधियों में विशेष माइक्रोफैब्रिकेशन उपकरण और अनेक हाथ से किए जाने वाले चरण लग सकते थे। इस सीमा को दूर करने के लिए MIT के शोधकर्ताओं ने पुन: उपयोग योग्य, 3D-प्रिंटेड स्टैम्पों पर आधारित प्रक्रिया विकसित की।
STAMP विधि क्या है?
Biomaterials Science में प्रकाशित अध्ययन में इस विधि का नाम STAMP है: simple templating of actuators via micro-topographical patterning। उच्च सटीकता से बने स्टैम्प को हाइड्रोजेल पर दबाकर कोशिका जितनी चौड़ाई वाले सूक्ष्म खाँचे बनाए जाते हैं। इन्हें सीधी, गोल या रेडियल दिशाओं में बनाया जा सकता है। स्टैम्प मानक 24-वेल प्रयोगशाला प्लेटों के लिए भी बनाए गए। यहाँ 3D-प्रिंटिंग का काम स्टैम्प बनाना है; इससे तैयार जीवित मांसपेशी सीधे प्रिंटर से नहीं निकलती।
पैटर्न वाला हाइड्रोजेल बढ़ती कोशिकाओं को दिशा देता है। शोधकर्ताओं ने माउस और मानव मूल की कंकालीय मांसपेशी कोशिकाओं में रेशों का संरेखण, आकार और संकुचन जाँचा। परीक्षण की गई स्थितियों में पैटर्निंग ने उनके परिपक्व होने या काम करने की क्षमता को स्पष्ट रूप से नुकसान नहीं पहुँचाया। स्टैम्प साफ करके फिर इस्तेमाल किए जा सकते हैं। अलग-अलग आकार के खाँचों और कोशिकाओं के प्रभाव का भी अध्ययन किया गया।
आँख की आइरिस से प्रेरित प्रदर्शन
टीम ने आइरिस जैसी गोल संरचना के लिए संकेंद्रित और केंद्र से बाहर की ओर जाने वाले खाँचों वाला हाइड्रोजेल तैयार किया। उस पर माउस की प्रकाश-संवेदनशील, प्रयोगशाला में उगाई गई कंकालीय पेशी कोशिकाएँ लगाईं। अलग-अलग हिस्सों पर प्रकाश डालकर संकुचन कराया गया और केंद्र के छिद्र का आकार बदला गया। संगणकीय मॉडल ने प्रयोग में दिखी गति से मेल खाया। यह बहुदिशात्मक गति का प्रयोगात्मक बायोहाइब्रिड मॉडल है, किसी मानव आँख के लिए तैयार प्रत्यारोपण या पूरी तरह कार्यशील प्राकृतिक आइरिस की प्रतिकृति नहीं।
प्रकाश से नियंत्रण इसलिए संभव हुआ क्योंकि इस्तेमाल की गई पेशी कोशिकाओं को प्रकाश के प्रति प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार किया गया था। शरीर की प्राकृतिक आइरिस की चिकनी मांसपेशी से ये कोशिकाएँ अलग हैं। अध्ययन से प्रकाश डालकर सामान्य मानव पेशियों को नियंत्रित करने की क्षमता सिद्ध नहीं होती।
नतीजों का महत्व और सीमाएँ
STAMP से सूक्ष्म सतह पैटर्न को एक निर्माण चरण में कई विन्यासों में बनाया जा सकता है। इसे जीवित कोशिकाओं की इमेजिंग और प्रयोगशाला में दवा-जाँच से संबंधित ऊतक मॉडल के साथ जोड़ा जा सकता है। यह विधि अधिक सुलभ हो सकती है, पर वास्तविक लागत और विभिन्न प्रयोगशालाओं में दोहराव की जाँच अभी भी जरूरी है। इसे सभी प्रकार की कृत्रिम मांसपेशियों से सस्ता या बेहतर साबित नहीं किया गया है।
अध्ययन ने मुलायम रोबोट के लिए जटिल गति की संभावना दिखाई। चिकित्सा में उपयोग, नसों या हृदय के ऊतक बनाना, या न्यूरोमस्कुलर रोग का उपचार अलग शोध और सुरक्षा परीक्षणों पर निर्भर करेगा। जीवित सामग्री की टिकाऊपन, पोषण, नियंत्रण और विनिर्माण को भी समझना होगा। पहले लेख में बताए गए 5–10 वर्ष के व्यावसायिक समय और अधिकांश एक्ट्यूएटर बदल देने की संभावना इस प्रयोग से स्थापित नहीं होती।
शोधकर्ता और उद्योग संदर्भ
अध्ययन के लेखकों में Tamara Rossy, Laura Schwendeman, Sonika Kohli, Maheera Bawa, Pavankumar Umashankar, Roi Habba, Oren Tchaicheeyan, Ayelet Lesman और Ritu Raman शामिल हैं। काम को कई सार्वजनिक अनुसंधान संस्थानों का सहयोग मिला। अध्ययन के निष्कर्षों को किसी सूचीबद्ध कंपनी के उत्पाद या आय का प्रमाण नहीं मानना चाहिए।
Oceaneering International (OII ) पानी के भीतर और अन्य क्षेत्रों में रोबोटिक्स से जुड़ी सेवाएँ देती है, लेकिन वह MIT की इस STAMP विधि का विकासकर्ता नहीं है। इस प्रयोग से उसके राजस्व, बाजार मूल्य या शेयर की भविष्य की चाल का अनुमान नहीं निकलता। कंपनी का मूल्यांकन उसके अपने अद्यतन वित्तीय विवरणों से करना होगा।
OII मूल्य चार्ट
निष्कर्ष
3D-प्रिंटेड स्टैम्प और पैटर्न वाले हाइड्रोजेल से जीवित पेशी रेशों को कई दिशाओं में व्यवस्थित करना संभव दिखा है। आइरिस जैसे मॉडल में प्रकाश से चयनित संकुचन एक महत्वपूर्ण प्रयोगशाला प्रदर्शन था। मुलायम रोबोट या चिकित्सा उपकरण के वास्तविक उपयोग के लिए दीर्घकालीन कार्यक्षमता, निर्माण और सुरक्षा के स्वतंत्र परीक्षण अभी बाकी हैं। मूल शोधपत्र पढ़ें।












